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अस्पताल में सुविधाओं का टोटा, समय पर नहीं मिल रहा मरीजों को सही इलाज

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झज्जर। मरीजों को बेहतर इलाज के लिए जिला मुख्यालय पर करोड़ों रुपये की लागत से सौ बेड का सामान्य अस्पताल का निर्माण किया गया है, लेकिन यहां सुविधाओं टोटा बना हुआ है। इसके कारण मरीजों को सही ढंग से इलाज तक नहीं मिल पा रहा है। उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों और दवाइयों की कमी बनी हुई है। इसके चलते गंभीर मरीजों को रोहतक पीजीआई का रास्ता दिखाया जा रहा है। वहीं जो भी मरीज इलाज करवाने के लिए अस्पताल में पहुंच रहे हैं उनको दवाइयां भी बाहर से लिखी जा रही है।
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सामान्य अस्पताल में सोमवार को मरीजों को काफी लंबी लाइन देखने को मिली। इस दौरान बुखार, खांसी, जुकाम व मौसमी बीमारी से ग्रसित मरीजों की संख्या ज्यादा दिखाई दी। चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों का उचित समय पर इलाज नहीं हो रहा और मरीजों को निजी अस्पताल व नर्सिंग होम में जाकर अपना महंगा इलाज करवाना पड़ रहा है। इससे मरीजों पर आर्थिक तौर पर बोझ पड़ रहा है। पिछले सप्ताह झज्जर क्षेत्र की विधायक व पूर्व मंत्री गीता भुकक्ल ने भी सामान्य अस्पताल का दौरा किया था और हालात का जायजा लिया था। उस समय उन्होंने बताया था कि उनकी डीजी हेल्थ से बात हुई है। उन्होने आश्वासन दिया कि जल्द ही 3 फिजीशियन सामान्य अस्पताल में पहुंच जाएंगे, लेकिन सप्ताह बाद बीतने के बावजूद भी यहां कोई फिजिशियन या विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं पहुंचा है।
प्रवासी श्रमिक, मरीज व गरीब मरीजों की बढ़ रही परेशानी
शहर के मुख्यालय अस्पताल होने के बावजूद भी यहां डॉक्टरों की कमी खल रही हैं। सुविधाएं न होने के कारण मरीजों को पीजीआई रोहतक रेफर किया जा रहा है। इसके चलते प्रवासी श्रमिक, मरीज व अन्य गरीब लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक श्रमिक मरीज ने बताया कि उसे अस्पताल से रेफर कर रोहतक पीजीआई में इलाज कराने को कहा गया है। उसके पास पैसा ही नहीं है। वह रोहतक तक कैसे जाए और अपना उपचार कराए।
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निजी अस्पतालों में महंगा इलाज करवाने को मजबूर हैं लोग
प्रदूषण के चलते अस्पताल में दमा और आंखों की जलन के मरीज पहुंच रहे हैं, लेकिन चिकित्सक उपलब्ध न होने के कारण उन्हें निजी अस्पतालों व नर्सिंग होम में जाकर महंगा इलाज करवाना पड़ रहा है। सामान्य अस्पताल में इएनटी और बाल रोग विशेषज्ञ, अल्ट्रासाउंड मशीन को चलाने के लिए विशेषज्ञ, फार्मासिस्ट कई अन्य चिकित्सकों की आवश्यकता है, लेकिन अस्पताल में चिकित्सकों, फिजिशियन की कमी के कारण मरीज काफी परेशान नजर आ रहे हैं।
डेंगू मरीजों को घर पर रहने की दी जा रही सलाह
इसके अलावा मौजूदा समय में डेंगू काफी फैल रहा है, लेकिन शहर के नागरिक अस्पताल में डे केयर में डेंगू का इलाज करवाया जा रहा है। एलाइजा टेस्ट करने के बाद डेंगू के मरीज को आवश्यक दिशा निर्देश व हिदायत देकर घर पर रहने की सलाह दी जा रही है। वहीं वर्ल्ड मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर कई महीनों से सेवाएं दे रहे हैं और मरीजों को जांच भी रहे हैं।
चिकित्सकों के कुल पद-42
अस्पताल में तैनात डॉक्टर-24
अस्पताल में आवश्यकता
फिजिशियन-3
चर्म रोग विशेषज्ञ-3
बाल रोग विशेषज्ञ-3
आइएनटी विशेषज्ञ- 3
मनोरोग विशेषज्ञ-2
वर्जन
अस्पताल में डॉक्टरों की कमी है। एक डॉक्टर को दस नवंबर तक यहां ज्वाइन करना था, लेकिन किसी कारण वह नहीं आ सके हैं। अस्पताल में सभी प्रकार की दवाइयां मौजूद हैं। कहीं किसी मरीज को कोई परेशानी है तो समय बताए, ताकि उसकी जांच और उपचार हो सके।
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-डॉ. कनिका, एसएमओ, नागरिक अस्पताल, झज्जर।
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