झज्जर। सेक्टर-6 निवासी कोमल रानी मलिक इन दिनों झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले बच्चों की जिंदगी संवारने में लगी हैं। उन्होंने पहले वाट्सएप ग्रुप बनाया गया और धीरे-धीरे संस्था का रूप धारण कर लिया। संस्था की शुरुआत पांच वर्ष पहले पंकज मलिक ने झुग्गियों में रहने वाले एक बच्चे को पढ़ाने से की थी।
उस समय यह पहल केवल एक वाट्सएप ग्रुप एक कदम अंधेरे से उजाले की ओर के माध्यम से शुरू हुई थी। उसमें साथ दिया उनकी पत्नी कोमल ने। कोमल के पास गणित में मास्टर डिग्री है और सीटेट व एचटेट परीक्षाएं उत्तीर्ण की हैं। उन्होंने सरकारी नौकरी करने के बजाय समाजसेवा को अपना उद्देश्य बनाया।
जरूरतमंद बच्चों को शिक्षित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया और पूरे समर्पण भाव से नव पंख संस्था से जुड़ गईं। नव पंख सोशल वेलफेयर सोसाइटी राजपूत धर्मशाला सेक्टर-6 में जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा, संस्कार और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन चुकी हैं।
धीरे-धीरे बच्चों की संख्या बढ़ती चली गई। वर्ष 2021 तक संख्या 35 हो गई थी। झुग्गियों में माहौल ठीक न होने पर बच्चों को अपने घर पर पढ़ाना शुरू किया। वर्ष 2023 आते-आते संख्या 85 तक पहुंच गई। अब इतनी बड़ी संख्या में बच्चों को घर पर पढ़ाना कठिन हो गया था।
जगह की कमी के कारण सेक्टर-6 झज्जर स्थित राजपूत धर्मशाला का चयन किया जिसे राजपूत समाज ने संस्था को निशुल्क उपलब्ध कराया। प्रतिदिन शाम 4 से 6 बजे तक लगभग 130 बच्चों को निशुल्क शिक्षा दी जाती है। शिक्षकों की संख्या भी बढ़ाई गई है। कुछ वालेंटियर्स सहयोग कर रहे हैं तो कुछ संस्था के सदस्य राशि एकत्रित कर मानदेय भी देते हैं।
कोमल प्रतिदिन बच्चों को पढ़ाने आती हैं और इन जरूरतमंद बच्चों का भविष्य संवारने में लगी हैं।
02jjrp08- कोमल रानी मलिक