फोटो 63 : जहांगीरपुर गांव में स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय। संवाद
बहादुरगढ़। सरकारी स्कूलों में जहांगीरपुर का राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कोहिनूर से कम नहीं है। क्योंकि यहां पढ़ने वाले बच्चे निजी ट्यूशन नहीं लेते। यदि किसी बच्चे को दिक्कत आती है तो अपने ही शिक्षक को फोन करके समस्या का समाधान पा लेते हैं। यही नहीं इस स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे जिले में प्रथम स्थान पर भी आ चुके हैं।
स्कूल के अध्यापकों की छवि ऐसी है कि इनको गांव में जाकर यह कहने की जरूरत नहीं पड़ती कि वे अपने बच्चों का दाखिला सरकारी स्कूल में करवाएं। ग्रामीण स्कूल के रिजल्ट को देखते हुए खुद ही अपने बच्चों का दाखिला यहां सरकारी स्कूल में करवाते हैं। 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा कनक ने इस साल इसी स्कूल से जिले में टॉप किया और स्कूल का नाम प्रदेश में रोशन किया।
स्कूल में अध्यापकों की संख्या भी पर्याप्त है और बिल्डिंग पर नजर डाली जाए तो वह भी बेहतर है। स्कूल में अच्छा खेल का मैदान है। इसमें विद्यार्थियों के बैठने में डेस्क भी पर्याप्त हैं। स्कूल में कमरों की संख्या 22 है, हालांकि 11 कमरों को कंडम घोषित किया गया है। स्कूल में पीने के पानी की व्यवस्था बेहतर है और साफ-सफाई का भी विशेष प्रबंध रहता है।
तीन कर्मचारी स्कूल में सफाई कार्य में जुटे रहते हैं। स्कूल में कुल 165 विद्यार्थी पढ़ाई ग्रहण करते हैं। बिजली के लिए जो ग्रामीण इलाकों में बिजली विभाग की ओर से जो शेड्यूल तय किया गया है, उस दौरान बिजली रहती है। हालांकि बिजली जाने के बाद कोई व्यवस्था नहीं होती। ऐसे में विद्यार्थियों को गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
स्कूल प्रिंसिपल कृष्ण कुमार ने बताया कि उनकी ओर से विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने की कोशिश की जाती है। फिर भी बच्चों को कोई समस्या आती है तो आसपास रहने वाले अध्यापक बच्चों की काफी मदद करते हैं। स्कूल की खास बात यह है कि सभी विद्यार्थियों को अध्यापकों के मोबाइल नंबर भी उपलब्ध करवाए गए हैं। वे किसी भी समय अध्यापकों से संपर्क करके पढ़ाई से संबंधित कार्य की जानकारी ले सकते हैं।
कुल विद्यार्थी : 165
स्वीकृत अध्यापक : 22
शिक्षक : 20
शौचालय : 4
फोटो 63 : जहांगीरपुर गांव में स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय। संवाद