फोटो-56: बहादुरगढ़ में बैठक करते उद्यमी। स्रोत संगठन
बहादुरगढ़। जिला झज्जर के औद्योगिक क्षेत्रों की अनदेखी को लेकर कन्फेडरेशन ऑफ बहादुरगढ़ इंडस्ट्रीज (कोबी) ने सरकार के रवैये पर गंभीर सवाल उठाए हैं। संस्था के अध्यक्ष प्रवीण गर्ग और अन्य सदस्यों ने कहा कि जिले के उद्योग करोड़ों रुपये का राजस्व देते हैं लेकिन बदले में विकास और मूलभूत सुविधाओं में उचित हिस्सा नजर नहीं आता।
कोबी के सदस्यों ने बताया कि अक्सर जनप्रतिनिधियों द्वारा बहादुरगढ़ और जिले के विकास के लिए बड़े-बड़े एलान किए जाते हैं। कभी 1000 करोड़ रुपये के कार्य, तो कभी 148 करोड़ की परियोजनाएं और दिव्य शहर जैसे दावे लेकिन इन घोषणाओं के बीच औद्योगिक क्षेत्रों की समस्याएं कहीं गुम हो जाती है। सवाल उठता है कि राजस्व देने वाले उद्योग, उनके कर्मचारी और यहां काम करने वाले लाखों लोग आखिर किस प्राथमिकता में आते हैं।
संस्था के सदस्यों का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्रों की समस्याओं को कई बार लिखित रूप में प्रशासन और सरकार के सामने रखा गया लेकिन उन पर कोई ठोस कार्रवाई या गंभीर चर्चा नहीं हुई। कोबी ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ औद्योगिक संगठन सामूहिक हितों की बजाय व्यक्तिगत स्वार्थों तक सीमित हो गए हैं, जिससे उद्योगों की एकजुट आवाज कमजोर पड़ रही है।
कोबी अध्यक्ष प्रवीण गर्ग ने बताया कि यदि औद्योगिक क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और विकास कार्यों की अनदेखी होती रही, तो कई उद्योग बंद होने की कगार पर पहुंच सकते हैं। इसका सीधा असर रोजगार पर पड़ेगा और हजारों परिवार प्रभावित होंगे।
उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार से मांग की है कि उद्योगों को अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानते हुए विकास, संरक्षण और समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।