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24 घंटे जाम रहने के बाद केएमपी पर शुरू हुआ आवागमन

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बहादुरगढ़। नए तीन कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर लगातार सरकार पर दबाव बनाने में जुटे किसान संगठनों ने 24 घंटों तक केएमपी जाम रखा। इसके बाद इस मार्ग पर आवागमन शुरू हो गया है। किसान संगठनों का कहना है कि वे तीनों कृषि कानूनों को निरस्त कराकर ही लौटेंगे। अब वे 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती पर संविधान बचाओ दिवस मनाएंगे। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
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हरियाणा संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष विकास सीसर ने कहा कि किसानों को टीकरी बॉर्डर पर पहुंचे साढ़े चार महीने होने को हैं, लेकिन सरकार कृषि कानूनों को वापस करने के मूड में नहीं है। ऐसे में किसान भी अब शांत नहीं बैठने वाले हैं। केएमपी जाम के बाद आंदोलन की आगामी रणनीति तैयार की जाएगी। फिलहाल 14 अप्रैल को डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती के दिन संविधान बचाओ दिवस मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि 13 अप्रैल को बैसाखी का पर्व दिल्ली के सभी बॉर्डरों पर मनाया जाएगा। 1 मई को दिल्ली बॉर्डरों पर मजदूर दिवस मनाया जाएगा। किसानों का कहना है कि इस दिन सभी कार्यक्रम मजदूर, किसान एकता को समर्पित होंगे। मई के पहले हफ्ते में संसद कूच किया जाएगा। किसानों का दावा है कि इस पैदल मार्च में महिलाएं बढ़-चढ़कर भाग लेंगी और यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से होगा। अपने गांव व शहरों से किसान दिल्ली बॉर्डर तक अपने वाहनों से आएंगे। इसके बाद दिल्ली बॉर्डर से संसद तक पैदल मार्च किया जाएगा।
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