पत्रकारों को संबोधित करतीं कुमारी शैलजा। संवाद
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कृषि कानूनों को लेकर केंद्र की सरकार पर एक बार फिर से निशाना साधते हुए हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अध्यक्षा कुमारी सैलजा ने कहा है कि केंद्र सरकार अपनी जिम्मेदारी से भाग रही है। कृषि कानून किसानों के लिए नहीं बल्कि तीन घरानों के लिए बनाए गए हैं।
जबकि सभी को पता है कि केन्द्र सरकार द्वारा थोपे गए तीनों कृषि कानूनों को लेकर संघर्ष का फैसला केवल किसान का है और मुख्य विपक्षी पार्टी होने केनाते कांग्रेस ने तो केवल किसानों के संघर्ष को अपना समर्थन दिया है। कुमारी शैलजा शुक्रवार को झज्जर में पत्रकारों से बातचीत कर रही थी। उन्होंने कहा कि कितनी हैरत की बात है कि अपने अधिकारों की लड़ाई लडने वाले आंदोलनकारी किसानों को एक साजिश के तहत अलग-अलग नाम केन्द्र सरकार दे रही है। शैलजा ने कहा कि सरकार द्वारा बनाए गए तीनों कृषि कानून न तो किसान के हित में है औ न ही मजदूर व देशहित में। इन कानूनों को बनाया ही देश के तीन घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे देश में हरियाणा ही केवल ऐसा राज्य है जोकि हरित क्रांति लेकर आया था। आज जो देश के हालात है, उससे किसानी नष्ट होने के आसार पैदा हो गए हैं। यदि किसान और किसानी नष्ट होते है तो पूरे देश का सिस्टम ही खराब हो जाएगा। क्योंकि पंजाब और हरियाणा देश में ऐसे दो राज्य है जहां पर एमएसपी पर फसल खरीदी जाती है। लेकिन यदि एमएसपी ही नहीं रहा तो इसका सीधा असर देश की खादय सुरक्षा पर पड़ेगा। कारण कि इन राज्यों से पैदा होने वाली फसल पूरे देश के सिस्टम को ठीक रखती है। इस मौके पर उनके साथ एडवोकेट बिजेन्द्र रंगा के निवास पर पत्रकार वाताऌ्भी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर एडवोकेट कृषण कादयान सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद थे।