फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jhajjar-Bahadurgarh News: खरमास आज से, अब 16 जनवरी से बजेंगी शहनाई

विज्ञापन
-फोटो 53 : लाल चौंक पर दूल्हे की सजी कार। संवाद
विज्ञापन
बहादुरगढ़। 15 दिसंबर रविवार से खरमास शुरू हो रहा है। इससे पहले शनिवार को क्षेत्र में खूब शहनाई बजी। खरमास शुरू होने के बाद शुभ कार्यों पर विराम लग जाएगा। इसके बाद 16 जनवरी 2025 से ही शादियां शुरू होंगी। 15 दिसंबर की रात 10 बजकर 19 मिनट पर सूर्य देव धनु राशि में प्रवेश करेंगे। नए वर्ष 2025 में 76 से अधिक शादियों के मुहूर्त हैं। शनिवार को फूल विक्रेताओं के पास दूल्हे की कार भी खूब सजी।
विज्ञापन


लालचंद कॉलोनी निवासी ज्योतिषाचार्य रमेश भगत ने बताया कि भचक्र में 12 राशियां होती हैं और एक वर्ष में भगवान सूर्य का सभी बारह राशियों में प्रवेश होता है। एक राशि में एक माह तक उनका निवास व प्रभाव रहता है। जब सूर्य भगवान धनु राशि में जाते हैं तब अन्य राशियों की अपेक्षा उनकी गति व कांति कुछ मंद हो जाती है, क्योंकि इस मास में उनके तेज में कमी होती है। इसलिए मांगलिक कार्य निषेध हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि इस साल खरमास 15 दिसंबर रविवार से शुरू हो रहा है। पंचांग के अनुसार सूर्य देव 15 दिसंबर की रात 10 बजकर 19 मिनट पर धनु राशि में प्रवेश करेंगे। यह एक महीने तक जारी रहेगा। सूर्य देव 14 जनवरी 2025 को मकर राशि में सुबह 09 बजकर 3 मिनट पर प्रवेश करेंगे। उस समय मकर संक्रांति होगी। इसी दिन खरमास समाप्त हो जाएगा।



वर्ष 2025 में यह होंगे शादियों के मुहूर्त

वर्ष 2025 में शादियों के कुल 76 मुहूर्त होंगे। विभिन्न पंचांगों के अनुसार जनवरी में 10, फरवरी में 14, मार्च में 5, अप्रैल में 9, मई में 15, जून में 5 मुहूर्त हैं। 6 जुलाई को देवशयनी एकादशी और 3 नवंबर को देवउठनी एकादशी है। इस दौरान जुलाई, अगस्त, सितंबर और अक्तूबर में विवाह मुहूर्त नहीं है। इसके बाद नवंबर में 15 और दिसंबर में तीन दिन विवाह मुहूर्त है।
विज्ञापन




इस अवधि में करें दान-पुण्य

काठमंडी स्थित शिव-हनुमान मंदिर के पुजारी पंडित सीयाराम ने बताया कि खरमास में भगवान विष्णु व भगवान शंकर की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है। पौराणिक मान्यता है कि दान-पुण्य करने से हमारे अच्छे कर्म बढ़ते हैं और इसका फल हमें मृत्यु के बाद भी मिलता है।



खरमास में ये काम रुक जाते हैं

विवाह या विवाह सबंधित बातचीत, गृह प्रवेश व भूमि पूजन, यज्ञोपवती, मुंडन व तिलक, अन्य शुभ व मांगलि कार्य।

-फोटो 53 : लाल चौंक पर दूल्हे की सजी कार। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें