खालसा मिशन अस्पताल में मरीजों का उपचार करते चिकित्सक। संवाद
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बहादुरगढ़। टीकरी बॉर्डर से जाखौदा बाईपास चौक तक लगभग 30 हजार से अधिक किसान तीन कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर डटे हुए हैं। मंगलवार को किसानों का यह आंदोलन 56वें दिन में प्रवेश कर गया। एक महीने से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। किसानों को बीमारियों से बचाने के लिए खालसा मिशन हास्पिटल का निर्माण किया गया है। यह हास्पिटल बहादुरगढ़ बाईपास पर नजफगढ़ रोड के फ्लाईओवर के नजदीक बनाया गया है। इसमें दो स्पेशल डॉक्टर मरीजों का इलाज करते हैं। जबकि यहां पर स्टाफ 10 कर्मचारियों का है। किसानों को होने वाले बीमारियों का इलाज यहां पर किया जाता है।
खालसा मिशन हास्टिपल की तरफ से एक महीने से यहां पर किसानों की सेवा की जा रही है। हास्पिटल टेंट के अंदर बनाया गया है। इनमें दो डॉक्टर जम्मू से किसानों का फ्री इलाज करते हैं। इनमें जम्मू की रहने वाली डा. बावमित जहां ईएनटी स्पेशलिस्ट है तो डॉ. अंचित एमडी मेडिशन हैं। दोनों ही चिकित्सक इस कड़ाके की सर्दी में बीमार होने वाले मरीजों का इलाज करते हैं। डॉ. बावमित ने बताया कि प्रतिदिन 150 से अधिक मरीजों का उपचार किया जाता है। यहां पर आने वाले अधिकतर मरीजों में बीपी (ब्लड प्रेशर), शुगर, पेट दर्द, सिर व बदन दर्द के अलावा कई बार छाती में दर्द की शिकायत के मरीज आते हैं। ऐसे में सभी का उपचार किया जाता है। डॉ. बावमित ने बताया कि इस हास्पिटल के हेड हरविंदर सिंह हैं। इसके अलावा जम्मू से मोहिंदर सिंह भी पहुंचे हैं। वह भी अस्पताल में मरीजों का इलाज करते हैं। उन्होंने बताया कि जब तक किसान अपनी मांगों को लेकर बहादुरगढ़ में डटे रहेंगे, वह भी यहां पर बीमार होने वाले किसानों का निशुल्क उपचार करेंगे। डॉ. बावमित ने बताया कि वह जम्मू में निजी हास्पिटल में कार्यरत थी, लेकिन एक महीने से यहां पर डटी हुई हैं और बीमार किसानों का इलाज करती हैं।