बहादुरगढ़। करवा चौथ का त्योहार आज मनाया जाएगा। देर रात तक बाजार ग्राहकों से गुलजार रहे। पार्लर में आधी रात तक भीड़ लगी रही और महिलाएं हाथों पर मेहंदी रचवाती रही। ज्योतिषाचार्याें के अनुसार चंद्रोदय का समय रात करीब 8:18 बजे है। पूजा के लिए शुभ मुहूर्त शाम का 5:50 से 7:28 तक है। सवा आठ बजे चांद का दीदार होगा। ज्योतिषाचार्य लालचंद कॉलोनी निवासी रमेश भगत ने बताया कि ऐसी मान्यता है कि करवाचौथ के दिन चंद्रमा की पूजा करने से राशि मे चंद्रमा बलवान होता है और उससे मानसिक ऊर्जा प्राप्त होती है।
यह है पूजा की विधि
एक चौकी पर शुद्ध और कच्ची पीली मिट्टी से भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी की प्रतिमा बनाकर लाल कपड़े पर स्थापित करते हैं। काठमंडी स्थित शिव-हनुमान मंदिर के पुजारी पंडित सीयाराम ने बताया कि करवाचौथ में चौथ माता और चंद्र देवता की भी पूजा साथ ही की जाती है। माता पार्वती को लाल चुनरी, सिंदूर, बिंदी व सुहाग का सभी सामान अर्पित करते हैं। भगवान शिव एवं गणेश जी को भी चंदन अक्षत पुष्पमामला आदि अर्पित करें। पूड़ी, लड्डू, मेवा, हलवा आदि का भोग अर्पित करें। करवाचौथ की कहानी पढ़े। आरती करें। घर के बड़े-बुजुर्गों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद ले और चंद्रोदय होने पर चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करें।
राशि के अनुसार करें श्रृंगार
-मेष और वृश्चिक राशि वाली महिलाएं विशेष रूप से लाल रंग के परिधान धारण कर सकती हैं।
-वृष एवं तुला राशि वाली महिलाएं गुलाबी एवं चमकीले रंगों के वस्त्र धारण कर सकती हैं।
-मिथुन एवं कन्या राशि वाली महिलाएं हरी चूड़ियां, हरी साड़ी एवं हरे रंग के आभूषण पहन सकती हैं।
-कर्क राशि वाली स्त्रियों को पीली साड़ी, मोती की माला एवं चांदी के आभूषण धारण करना शुभ रहेगा।
-सिंह राशि वाली महिलाएं नारंगी रंग की साड़ी और श्रृंगार कर पूजन कर सकती है।
-धनु एवं मीन राशि वालों के लिए पीले रंग के वस्त्र एवं आभूषण धारण करना शुभ रहेगा।
-मकर एवं कुभ राशि वाली महिलाओं को आंखों में काजल लगाना चाहिए।