ट्रेन की चपेट में आने से डाक कांवड़िये की मौके पर मौत हो गई। देवेंद्र अपने साथियों के साथ 17 जुलाई को डाक कांवड़ लेने के लिए गया था। मंगलवार दोपहर बाद ये हादसा हुआ।
एक सप्ताह पहले 17 जुलाई को अपने साथियों संग हरिद्वार से डाक कांवड़ लेने गए एक कांवड़िये की मंगलवार को लगभग पौने तीन बजे रोहतक-रेवाड़ी रेलवे लाइन पर दुजाना फाटक पर ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। सूचना पाकर राजकीय रेलवे पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और शव को अपने कब्जे में लिया।
विज्ञापन
मृतक बिरोहड़ गांव निवासी 38 वर्षीय देवेंद्र पटवारी के पद पर कार्यरत था। रेलवे पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल झज्जर भिजवाया। शव का पोस्टमार्टम बुधवार को होगा। देवेंद्र के ट्रेन की चपेट में आकर मौत होने से बिरोहड़ गांव में मातम छाया हुआ है। दो बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया। देवेंद्र अपने पीछे पिता पप्पू राम, मां, पत्नी, दो छोटे भाई व एक पांच वर्षीय बेटे और एक तीन वर्षीय बेटी को बिलखते हुए छोड़ गए हैं।
मृतक देवेंद्र 12 साल से सरकारी नौकरी में कार्यरत थे। वे फिलहाल चरखी दादरी में पटवारी के पद पर रहकर राजस्व विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे थे। उनके छोटे भाई रविंद्र मातनहेल ब्लॉक में कार्यरत हैं और दूसरा छोटा भाई नरेंद्र हरियाणा पुलिस में कार्यरत है। देवेंद्र पटवारी की मौत की सूचना पाकर गांव से गई। सभी डाक कांवड़ के कांवड़िये रास्ते में ही जल चढ़ाकर अपने गांव लौट आए। शाम को बाबा रघुनाथ मंदिर में जागरण व झांकी का कार्यक्रम भी स्थगित कर दिया गया है।