गो हत्या की वारदात के विरोध में गो भक्तों द्वारा झज्जर जिले में कई सड़कों पर लगाया गया जाम दूसरे दिन रविवार को भी जारी रहा।
कई और गांवों के लोगों ने आंदोलनकारियों का साथ देते हुए सड़कें अवरुद्ध कर दी। वहीं, रोहद के पास ग्रामीणों ने शाम साढ़े पांच बजे जाम खोल दिया।
इससे रोहतक-दिल्ली रूट खुलने से चालकों ने राहत की सांस ली। वहीं, जिले के चारों ओर जाम लगा होने की वजह से अब रोजमर्रा की चीजों की सप्लाई भी बाधित हो रही है।
जिले की सड़कों पर सैकड़ों भारी वाहन दो दिन से खड़े हुए हैं, जिनके चालकों के सामने खाने-पीने तक की समस्या उत्पन्न हो गई है।
बादली हलके में लगातार हो रही गो हत्या के वारदात के रोषस्वरूप ग्रामीणों ने शनिवार को जाम लगाया था, जो रविवार को भी जारी रहा।
बादली के चारों ओर गुभाना, माजरी, लुकसर, जहांगीरपुर, पाहसोर, देवरखाना, सोंधी गांव में सड़कों पर लक्कड़ और पत्थर डालकर सड़क को अवरुद्ध कर दिया गया।
इस दौरान बादली से झज्जर, बादली से दिल्ली, बादली से बहादुरगढ़, बादली से गुड़गांव, फरूखनगर, याकूबपुर से गुड़गांव और झज्जर जाने वाले सभी रास्ते सील रहे।
वहीं, झज्जर में झज्जर-बेरी मार्ग पर गांव धौड़ के ग्रामीणों ने और झज्जर-छुछकवास मार्ग पर तलाव गांव के निकट भी ग्रामीणों ने जाम लगा दिया है।
झज्जर-फरूखनगर मार्ग, बादली, बहादुरगढ़ मार्ग बिल्कुल बंद पड़ा है और ग्रामीण अब झज्जर-बेरी मार्ग और झज्जर-ग्वालिसन मार्ग पर भी डटे हैं। संत गोपाल दास भी कई जाम स्थल पर पहुंचे।
उन्होंने कहा कि जब तक आईजी स्तर के अधिकारी गो वंश की रक्षा का आश्वासन नहीं देते हैं, तब तक जाम नहीं खोला जाएगा।
गोकशी की वारदातों से आहत होकर संत गोपाल दास ने कार्रवाई न होने तक अन्न-जल का भी परित्याग कर दिया है।
वहीं, एसपी बलबीर सिंह ने गो भक्तों को कई घंटे तक समझाने का प्रयास किया। उन्होंने गो भक्तों को आश्वासन दिया कि गो हत्यारों को जल्द पकड़ा जाएगा और ऐसी वारदात पर रोक लगाने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। समाचार लिखे जाने तक जिले में कई जगह पर जाम जारी था।