सरकार के आदेशानुसार एक अप्रैल से एजेंसियों की ओर से गेहूं की खरीद के दावे जिले में फेल हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार अनाज मंडी में अब तक 17 हजार क्विंटल के करीब गेहूं पहुंच चुका है। लेकिन खरीद के लिए किसी भी एजेंसी के ना आने के कारण किसानों के साथ-साथ आढ़तियों के चेहरों पर भी चिंता की लकीरें दिखने लगी हैं।
अभी तक प्रशासन ने नहीं किया गौर
आढ़तियों का कहना है कि अब तो प्रशासन इस बात पर गौर ही नहीं कर रहा। लेकिन अगर इसी प्रकार का माहौल बना रहा तो जल्द ही मंडी में जाम लगना शुरू हो जाएगा। जिसके कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। वहीं किसानों द्वारा अनाज मंडी में गेहूं की आवक पिछले करीब दस दिनों से जारी है।
अब तो शेड की नीचे जगह भी नहीं बची
आढ़ती चरण सिंह दलाल ने कहा कि आज तो खरीद एजेंसी का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। लेकिन कोई भी एजेंसी खरीद के लिए नहीं पहुंची। ना ही शेड के नीचे जगह है। जिसके कारण आने वाले गेहूं को बाहर खुले में डालना पड़ रहा है। इसके साथ ही लाइसेंस के साथ टिन नंबर की भी चर्चा सुनने में आ रही है। जिसके कारण भी खरीद में दिक्कतें आ सकती हैं।
क्या कहना है किसान का
मंडी तक पहुंचाने में ही बहुत हो जाता है खर्च
किसान तेजपाल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि गेहूं की बिजाई से लेकर मंडी पहुंचने तक काफी खर्चा आ जाता है। जोकि आसपास के लोगों से उठाकर भी लगाना पड़ता है। लेकिन अगर मंडी से गेहूं का उठान ही नहीं होगा तो उसका दाम कहां से और कब तक मिलेगा।
हमारे नसीब में इंतजार ही इंतजार
किसान रामबीर ने कहा कि गेहूं का दाम लेने तक पता नहीं कितना इंतजार करना होगा। अब तो एजेंसी का इंतजार करना पड़ रहा है। फि र उठान का इंतजार करना पड़ेगा और फिर चेक का।
क्या कहा डीएफएससी ने
इस बारे में डीएफएससी अशोक शर्मा ने बताया कि शनिवार को गेहूं की खरीद करने का वेयर हाऊस एजेंसी का दिन था। लेकिन किन्हीं कारणों से ना पहुंच पाने के कारण काफी दिक्कतें आ रही हैं। खरीद जल्द ही शुरू हो जाएगी।