जिले की करीब 1500 एकड़ फसल बर्बाद हो गई, लेकिन कृषि मंत्री पीड़ित किसानों से मिलने नहीं आए। यह बात शनिवार को यह बात पूर्व शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल ने झज्जर के मातनहेल गांव में जेएलएन टूटने से हुई बर्बाद फसल का जायजा लेने के दौरान कही।
उन्होंने कहा कि अच्छा हुआ कृषि मंत्री उनके विधान सभा क्षेत्र में कोई किसानों से मिलने नहीं आए वरना पता नहीं वो क्या उलटा सीधा बयान देकर जाते यहां से। क्योंकि इससे पहले भी वो प्रदेश की बर्बादी पर उलटा सीधा बोल चुके हैं। उन्होंने कृषि मंत्री की चुटकी लेते हुए कहा कि जब प्रदेश में आपदा आती है, तब उनका नाचने का मन करता है। झज्जर शहर की विधायक व कांग्रेस सरकार में पूर्व शिक्षा मंत्री रही गीता भुक्कल ने प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने सूबे के सीएम से लेकर वित्त मंत्री व कृषि मंत्री के अलावा सरकार के तमाम नेताओं पर पूर्व शिक्षा मंत्री ने जमकर भड़ास निकाली। भुक्कल ने शनिवार को पीड़ित किसानों से मुलाकात की। भुक्कल ने किसानों के लिए सरकार से प्रति एकड़ 20 हजार रूपये मुआवजे की मांग की।
कहा, वित्त मंत्री का घर बना म्यूजियम
उन्होंने कहा कि सरकार के कृषि मंत्री द्वारा शुरू से ही उनके विधान सभा क्षेत्र के साथ भेदभाव किया गया है। पहले भी झज्जर विधान सभा क्षेत्र के कई गांव के किसानों को मुआवजा नहीं दिया गया और अब यही हालात बने हुए हैं। गीता भुक्कल यही नहीं रुकी उन्होंने प्रदेश के वित्त मंत्री पर भी जमकर प्रहार किए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के वित्त मंत्री ने अपने घर को म्यूजियम बनाकर रख दिया। बीजेपी का हर मंत्री व संासद केवल उन्हीं के घर में हुए नुकसान को देखने जाता है, जबकि पूरा प्रदेश जलकर राख हो गया। कोई भी मंत्री या संासद पीड़ित लोगों के घर जाकर उनका हाल-चाल नहीं पूछ रहे हैं। उन्होेंने कहा प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा कांग्रेस के कार्यकाल में बनाए गए प्रदेश के सबसे बडे बस स्टैंड का उद्घाटन कर वाहवाही तो लूट ली, लेकिन हिंसा के दौरान जले पूरे शहर के एक भी पीड़ित से मुख्यमंत्री नही मिले।
जिससे पूरे शहर के लोगों में नाराजगी है। गीता भुक्कल ने कहा कि जब से प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनी है तब से मानो प्रदेश को श्राप सा लग गया है। आज प्रदेश बर्बादी के कगार पर जा पहुंचा है, लेकिन प्रदेश के मुख्यमंत्री व मंत्री प्रदेश के हित की सोचने की बजाए केवल अपने हित की सोच रहे हैं।