झज्जर। शहर के कई मुख्य मार्गों पर सड़क के नजदीक लोगों ने जमीन लेकर अपने मकान बना लिए हैं। लोगों के पास जमीन की रजिस्ट्री तक है, लेकिन तकनीकी गलती की वजह से अब नगर परिषद का पोर्टल जमीन को अवैध दिखा रहा है। लोग उसे बेचने या अन्य कार्य के लिए एनडीसी लेने आते हैं या टैक्स भरते हैं तो वह भरा नहीं जाता।
बताया जा रहा है कि जिला नगर योजनाकार कार्यालय की तरफ से झज्जर शहर का प्लान बनाते समय सड़क के नजदीक इन प्रॉपर्टी को ग्रीन बेल्ट दिखा था। इस कारण अब लोग नगर परिषद में अपने कार्य के लिए जाते हैं तो उनकी प्रॉपर्टी अवैध दिखाता है और लोगों के काम नहीं हो पाते। नगर परिषद की तरफ से इसके लिए स्थानीय शहरी निकाय निदेशालय के अलावा जिला नगर योजनाकार को भी पत्र लिखा है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही। शहर में ऐसी लगभग 300 से अधिक प्रॉपर्टी है, जो अलग-अलग रोड पर हैं। फिलहाल गुरुग्राम और रेवाड़ी रोड पर ही 150 प्रॉपर्टी हैं, जिनके लिए लोग अपने काम लेकर नगर परिषद के पास आ चुके हैं, लेकिन उनके काम नहीं हो रहे।
डीटीपी ने बनाया 2031 तक का प्लान
जिला नगर योजनाकार कार्यालय की तरफ से 2019 में ही झज्जर शहर का 2031 का प्लान बनाया था। उस समय न तो नगर परिषद और न ही जिला नगर योजनाकार के कर्मचारियों ने ध्यान दिया। इसके चलते मुख्य मार्गों पर बने घरों, दुकानों व अन्य एरिया को ग्रीन बेल्ट में दिखा दिया गया। इन मार्गों पर पहले ही सालों से मकान, दुकान बने हुए थे। अब स्थानीय लोगों ने ही परेशानी खड़ी हो गई है।
इन मार्गों पर छोड़ी गई है ग्रीन बेल्ट
जिला नगर योजनाकार कार्यालय की तरफ से झज्जर-बादली, झज्जर-गुरुग्राम रोड, झज्जर-बहादुरगढ़ रोड, झज्जर-कोसली रोड, झज्जर-छुछकवास रोड, झज्जर-दादरी रोड, झज्जर-सांपला रोड, झज्जर-बेरी रोड, रेवाड़ी-रोहतक रोड पर दोनों तरफ ग्रीन बेल्ट दिखाई हुई है।
शहर के मुख्य मार्गों के साथ लोगों ने रिहायशी बनाई हुई है, लेकिन पोर्टल पर वह अवैध दिखा रखी है। उनकी जगह पर डीटीपी कार्यालय ने प्लान बनाते समय ग्रीन बेल्ट घोषित कर दी थी, जबकि लोग पहले से ही बसे हुए हैं। इस कारण उनके काम नहीं हो रहे। इस बारे में मुख्यालय व डीटीपी कार्यालय को लिखा हुआ है, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ।
-राजपाल, क्लर्क, टैक्स ब्रांच, नगर परिषद, झज्जर
मुख्य मार्गों पर प्लान में ग्रीन बेल्ट बनाई गई है। यदि कोई मकान या दुकान पहले से है तो उसके लिए सरकार ही नियमित करने की पॉलिसी ला सकती है या ग्रीन बेल्ट का एरिया कम कर सकती है। नए प्लान में भी सरकार फैसला करेगी।
मनीष दहिया, जिला नगर योजनाकार, झज्जर