पशु मेले में आया बिल्ला (घोड़ा) लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। नाम की तरह उसका डील-डौल भी है।
घोड़े के मालिक ने बताया कि इसकी कीमत 51 लाख रुपये लग चुकी है। लेकिन हम इसे बेचेंगे नहीं। उन्होंने कहा कि केवल नुमाइश के लिए मेले में घोड़े को लाया गया है। यह घोड़ा नहीं हमारे परिवार का सदस्य है। मेले में घोड़ों की कीमत सुनकर हर कोई हैरान हो जाए पारखियों का जमघट, मेले मे आए ज्यादातर व्यापारी पशु विक्रेता ऐसे ही पीढ़ी दर पीढ़ी आ रहे हैं बहुत से ऐसे व्यापारी मिले जिन्हें नवरात्र में बेरी आने का चलन विरासत मे मिला बेरी के पशु मेले में हजारों ट्रेनर व्यापारी पशुआें के मालिक तंबुओं में मौजूद है। बिल्ला के मालिक राजबीर ने बताया कि मेरी पांच पीढ़ियां घोडे़ पालने की शौकीन रहे हैं। घोड़ा मालिक राजबीर ने बताया कि घोड़े की उम्र साढ़े 5 साल है और हरियाणा चैंपियन की शान है और जिसकी खुराक हर रोज की 2 किलो चने, 2 किलो ज्यों, 5 किलो दूध, आधा किलों देशी घी हर रोज की खुराक है।
यूपी व राजस्थान से भी आए व्यापारी
मेले में अन्य सालों की तरह इस बार भी हजारों की संख्या में घोड़े व गधे के मालिक पहुंचे। मेले के पहले दिन पंजाब, यूपी, राजस्थान आदि के व्यापारी अपने घोड़ों, गधों व खच्चरों को मेले में लेकर आए। बुधवार को मेले के दूसरे दिन अन्य कई प्रदेशों से पशु व्यापारियों के आने की संभावना है।
दिल्ली के बीरू और रूदर बने सिरमौर
दिल्ली बरवाला निवासी अमित डबास का मारवाड़ी घोड़ा बीरू तो दिल्ली निवासी शिव राणा का रूदर मेले के सिरमौर बने हुए हैं। मेले में दोनों ही एक जगह पर बांधे गए थे तथा इनकी सुंदरता हर किसी को आकर्षित कर रही थी। अमित डबास का कहना है कि उसके घोड़े की कीमत लाखों में लग चुकी है और मगर वो घोड़े को बेचना नहीं चाहता। शौकिया रखा हुआ है, वह न जाने कितनी ही प्रतियोगिताओं में जीत कर लाखों रुपये कमा चुका है। घोड़ा मालिक अमित डबास का कहना है कि बीरू की उम्र 6 साल है और मारवाड़ी नस्ल का है और जिसकी हर रोज की खुराक 5 किलो चने, 6 किलो दूध, 4 किलो चोकर, जिससे महिने का खर्चा करीब 45 हजार से लेकर 50 हजार रूपये का खर्चा होता है। इससे वह चमकदार व फुर्तीला बना हुआ है।
मालिक को जान से प्यारे हैं और वे उसे किसी भी कीमत पर बेचने को तैयार नहीं हैं।
रूदर के मालिक दिल्ली निवासी शिव राणा ने बताया कि आलीशन का बच्चा रूदर है और जिसकी उम्र साढ़े तीन साल है। बेरी के मेले में 21 लाख रुपये की कीमत लग चुकी है और मालिक घोड़े को बेचने को तैयार नहीं है। एक साल का बच्चा था जब 5 लाख रुपये में लिया था और अब घोडे़ को बेचने को तैयार नही है।