अनाज मंडी में गेहूं की आवक के हिसाब के अनुरूप लिफ्टिंग न होने से मंडी में अव्यवस्थाओं का अंबार लगता जा रहा है। मंडी में गेहूं की आवक 23 मार्च से जारी है। हालांकि प्रशासनिक रूप से खरीद की घोषणा 1 अप्रैल से की गई थी। लेकिन खरीद एजेंसियों और अधिकारियों की लापरवाही के कारण मंडी में किसानों के गेहूं लेकर आने पर उतारने का स्थान नहीं है। इस समस्या से किसानों व आढ़तियों को हर दिन जूझना पड़ रहा है। रही सही कसर गेहूं में नमी की मात्रा की जांच विभागीय मानको के अनुसार होने पर भी किसानों के लिए भी खरीद एजेंसियों द्वारा की जाने वाली आनाकानी से किसान परेशान हैं। वहीं इन हालातों से आजिज आए किसानों ने कहा कि सरकार द्वारा गेहूं की खरीद के लिए ऐसा कोई भी सुचारू उपाय नहीं किया गया जिसके कारण किसान, आढ़ती या एजेंसी को किसी प्रकार की राहत महसूस हो सके। वहीं सभी समय पर उठान ना होने का कारण एक दूसरे के सिर मढ़ते नजर आ रहे हैं।
कुल कितने क्विंटल हुई गेहूं की आवक और उठान
अब तक अनाज मंडी में गेहूं की कुल आवक 1 लाख 85 हजार क्विंटल के करीब हो चुकी है। खरीद भी ठीक ठाक ही चल रही है अब तक की कुल खरीद 1 लाख 70 हजार 87 क्विंटल के करीब हुई है। लेकिन इन सबके बावजूद उठान कार्य काफ ी ढुलमुल तरीके से चल रहा है। अब तक कुल उठान केवल 67 हजार 753 क्विंटल ही हो पाया है। जिसके कारण मंडी में नए गेहूं के लिए स्थान कम पड़ गया है। किसान मंडी में जगह ना होने के कारण गेहूं लाने से कतरा रहे हैं।
खुले में पड़ा है 80 प्रतिशत गेहूं
मंडी में कुल गेहूं का करीब 80 फीसदी गेहूं खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है। मानो प्रशासन ने उसे बारिश में भीगने के लिए छोड़ रखा हो। इन्हीं अव्यवस्थाओं के कारण मंडी के बाहरी गेट तक गेहूं फैल चुका है।
किस एजेंसी द्वारा कितनी खरीद, कितना उठान, कितने कि तने के दिए चैक
एफसीआई एजेंसी द्वारा
कुल खरीद 32210 क्विंटल
उठान निल
हैैफेड एजेंसी द्वारा
कुल खरीद 87 हजार 142 क्विंटल
उठान 92 हजार 252 बैग
वेयर हाऊस एजेंसी द्वारा
कुल खरीद 50 हजार 735 क्विंटल
उठान 43 हजार 50 बैग
क्या कहना है किसानों का
किसान कब तक अनाज के पैसों का इंतजार करें, 15 दिन हो चुके हैं, लेकिन अब तक एक भी पैसा नहीं मिला है ऐसे में किसान की मजबूरियों को भी कोई नहीं समझ रहा है। कुल मिलाकर 400 क्विंटल गेहूं मंडी में डाल चुका हूं।
अनिल खुड्डन किसान
किसान साल भर मेहनत करके फसल को पकाते हैं। इसके बाद भी किसान को फसल कटवाने के लिए पैसे खर्च करने पड़ते हैं, इसके बावजूद भी अगर किसान को फसल के पैसे समय पर नहीं मिल रहे हैं। अब तक मंडी में 600 क्विंटल गेहूं डाल चुका हूं, लेकिन अब तक एक भी पैसा नहीं मिला है।
ब्रह्मप्रकाश किसान खुड्डन
क्या कहना है आढ़तियों का
आढ़ती हरेंद्र सिलाना ने बताया कि वेयर हाउस एजेंसी ने अभी तक 4 अप्रैल के ही चेक दिए हैं। बल्कि इस के बारे में पूछने पर डीएम ने कहा कि बिल भेज दिए गए हैं, जल्द ही पैसे भी आ जाएंगे। लेकिन इसके बाद का कोई भी पैसा नहीं आया है।
आढ़ती समुंद्र सिंह ने कहा कि लगभग 2500 क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है। लेकिन अब तक आधी भी पेमेंट नहीं मिल पाई है। सुरेंद्र ने बताया कि एफ सीआई एजेंसी की तरफ से तो उठान भी शुरू नहीं हुआ है। जिसके कारण काफी सारा गेहूं खुले में पड़ा बारिश की बाट जोह रहा है।