राज्य विधानसभा द्वारा सोमवार को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) अधिनियम पास किए जाने का क्षेत्र के तमाम उद्यमियों ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि अब उद्योग व व्यवसाय तेज गति से प्रगति करेंगे।
जीएसटी कानून को लोकसभा के बाद विधानसभा पहले ही पारित कर चुकी हैं। इसको लागू करने से पूर्व देश की आधे से अधिक विधानसभाओं में पास कराना भी अनिवार्य है। इसलिए कई राज्य की विधानसभाओं ने इस अधिनियम को पहले ही पारित कर दिया है। अब हरियाणा विधानसभा में भी अधिनियम को एक राय से पास कर दिया है। जीएसटी पास होने से उन उद्यमियों में खासतौर से खुशी की लहर दौड़ गई है जो एक राज्य से दूसरे राज्य तक माल का आदान-प्रदान करते हैं।
बहादुरगढ़ चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज के महासचिव सुभाष जग्गा ने इस बारे में कहा कि यह कानून लागू होने से उद्योगों की एक बड़ी समस्या खत्म हो जाएगी। उन्हें तरह-तरह के करों के झंझट से छुटकारा मिल जाएगा। बीसीसीआई के संरक्षक सुशील गोयल ने कहा कि करों की विभिन्नता की वजह से उद्यमियों का न केवल बहुत कीमती वक्त बर्बाद हो जाता था, बल्कि कई बार उन्हें सरकार कर्मचारियों के गलत व्यवहार के कारण नाजायज अपमान का सामना भी करना पड़ता था। अब सिर्फ एक कर होने से भुगतान आसान हो जाएगा और भुगतान आसान हो जाएगा तो उद्यमियों का वक्त भी बचेगा व खर्च भी बचेगा। बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष विपिन बजाज ने कहा कि सभी राज्यों में कर व्यवस्था में समानता रहेगी तो माल को लाने ले जाने में सुविधा होगी। सत्तारूढ़ दल भारतीय जनता पार्टी के विधायक नरेश कौशिक ने कहा कि जीएसटी की व्यवस्था से उद्यमियों को तो लाभ रहेगा ही सरकारी कर्मचारियों को भी काम करने में आसानी होगी। कर प्रणाली के सरलीकरण से सरकार के राजस्व में भी अप्रत्याशित वृद्धि होने की उम्मीद है।