झज्जर शहर में शनिवार रात 8.57 बजे भूकंप का तीव्र झटका महसूस किया गया। भूकंप की तीव्रता 4.1 और केंद्र झज्जर बताए जानेे पर शहरवासियों के होश फाख्ता है। लोगों का कहना है कि इतनी तेज गति के भूकंप का झटका उन्होंने कभी नहीं महसूस किया।। इसके अलावा बेरी, दुजाना, डीघल, मातनहेल, साल्हावास सहित अन्य गांवों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए।
शनिवार रात आए भूकंप के झटको ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। दुजाना, ऊटलोधा गांव सहित शहर के अन्य हिस्सों और कई गांवों में मकानों में आई दरारों के अलावा कोई जानमाल का नुकसान होने की सूचना नहीं मिली है, लेकिन भूकंप की तीव्रता इतनी अधिक थी कि लोगों में भय का माहौल व्याप्त हो गया, आनन-फानन में लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। शहरवासी रामप्रकाश घई ने बताया कि उनकी उम्र करीब 90 वर्ष है, जीवन की सभी परिस्थितियों से वे गुजर चुके हैं, लेकिन इतनी तेज गति का भूकंप उन्होंने कभी महसूस नहीं किया। भगवान का शुक्र है कि कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ। बुजुर्ग जगन्नाथ का कहना है कि भगवान का शुक्र है कि कोई नुकसान नहीं हुआ है। झज्जर को केंद्र बिंदु बताया गया है, जोकि चिंता का विषय है। 4.1 की तीव्रता का भूकंप आना भी चिंता का कारण है।
गांवों में हुआ ज्यादा नुकसान
भूकंप के चलते शहर में नुकसान की कोई सूचना नहीं मिली, लेकिन दुजाना, ऊटलौधा सहित कई गांवों के कुछ मकानों में दरारों के आने की सूचना है। दुजाना में स्थिति ज्यादा खराब है, लोग भूकंप के अलावा गांव में पानी निकासी की व्यवस्था न होने को भी कारण मान रहे हैं।
देर रात तक लोग दिखे सड़कों पर
समाचार लिखे जाने तक झज्जर शहर में लोग सड़कों पर थे। झज्जर को केंद्रबिंदु की सूचना होने पर उनकी धड़कनें तेज थीं और लोग अपने बच्चों को घरों के भीतर ले जाने से गुरेज कर रहे थे।