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अफवाहों का शिकार हुए दुकानदार, बंद कर दिया पूरा बाजार

Sat, 12 Nov 2016 01:16 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर
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बिजनौर में बुधवार को सूना पड़ा बाजार। - फोटो : अमर उजाला
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बड़े नोटों पर लगी लगाम से पिछले तीन दिनों से अस्त-व्यस्त झज्जर का बाजार शुक्रवार को अफवाहों का शिकार बना रहा। थोड़े-थोड़े अंतराल पर दुकानदारों को मिल रही अफवाहों के चक्रव्यूह में फंसे दुकानदारों ने दोपहर बाद अपनी दुकानों को ही बंद कर दिया। देखते ही देखते झज्जर के मेन बाजार सहित सभी मुख्य बाजार बंद हो गए, लेकिन दुकानें बंद करने का मूल कारण क्या रहा, यह किसी को स्पष्ट नहीं हो सका। एक-दूसरे के कान में फुसफुसाते हुए दुकानदारों ने अपनी दुकानों को बंद कर दिया।
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सूत्रों की माने तो वीरवार देर शाम दिल्ली सहित कई बड़े शहरों में हुई छापामार कार्रवाई से भयभीत व्यापारियों ने दुकानों को बंद रखा। हालांकि व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों की मानें तो संपूर्ण जानकारी के अभाव में किसी भी तरह की सरकारी कार्रवाई से बचने के लिए दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कीं। दुकानें बंद करने का सिलसिला सराफा बाजार से हुआ। यहां के दुकानदारों को सूचना मिली कि सोने-चांदी की कालाबाजारी रोकने के लिए विजिलेंस टीम द्वारा छापामारी की जा रही है। जैसे ही यह सूचना बाजार तक पहुंची, तभी यह अफवाह बनकर आग की तरह फैली और देखते ही देखते पूरा सराफा बाजार बंद हो गया। सराफा बाजार बंद होने की सूचना जब अन्य दुकानदारों तक पहुंची तो उन्होंने भी अपनी दुकानों का सामान समेटते हुए उन्हें बंद करना शुरू कर दिया।
मीडिया कर्मियों ने जब दुकानदारों से दुकानें बंद करने का कारण जानना चाहा तो किसी भी दुकानदार के पास कोई सटीक कारण नहीं मिल सका। अधिकांश दुकानदार अफवाह का शिकार मिले और दुकानों को बंद करते गए। कुछ व्यापारियों ने इसे विजिलेंस की छापामारी को कारण बताया तो कुछ ने सेल्स टैक्स विभाग की छापामारी। हालांकि सेल्स टैक्स विभाग के सूत्रों से ऐसी कोई कार्रवाई न किए जाने की सूचना भी मिली है।
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उधर, एकाएक बाजार के बंद होने का कारण जब व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों से पूछा गया तो उन्होंने भी मात्र इसे अफवाहों का परिणाम बताया। व्यापार मंडल के प्रधान राकेश अरोड़ा का कहना था कि दुकानदारों को अफवाहों से बचते हुए सरकार के दिए निर्देशानुसार अपनी व्यापारिक प्रक्रिया को चलाना चाहिए। अरोड़ा ने कहा कि यदि इसी प्रकार दुकानदार अफवाहों का शिकार होते रहे तो पहले करेंसी के कारण मंद हुए बाजार के बाद अब और अधिक नुकसान सहना पड़ेगा।
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