चरखी दादरी मार्ग पर छुछकवास गांव से लेकर ड्रेन नंबर आठ तक बारिश के कारण सैकड़ों एकड़ भूमि में पानी भर गया है। इससे किसानों की ज्वार व बाजरे की फसल पानी भरने से दिखाई भी नहीं दे रही हैं। जिधर देखो उधर पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। किसान इसका मुख्य कारण सड़क के नीचे पानी की निकासी के लिए बनाई गई पुलिया को लोक निर्माण विभाग की तरफ से बंद करना बताया जा रहा है।
किसानों का कहना है कि वर्ष 2005 में सड़क को चौड़ा किया गया था, उस समय सड़क के नीचे पानी की निकासी के लिए बनाई गई पुलिया को मरम्मत के नाम पर उसे उखाड़ा गया था, लेकिन उसके बाद पुलिया नहीं बनाई गई। इससे हर साल जलभराव के कारण किसानों की फसल खराब हो रही है। किसान साल में केवल एक फसल ले पाते हैं।
इस्लामगढ़ की ढाणी में मानसून के सीजन में पिछले 15 सालों से खेतों में पानी जमा हो रहा है। जिसकी निकासी का कोई प्रबंध नहीं है। छुछकवास गांव से ड्रेन नंबर आठ तक करीब 900 एकड़ भूमि मानसून के सीजन जलमग्न हो जाती है। इसके कारण फसलों का काफी नुकसान होता है। अनेकों बार इसकी शिकायत लोक निर्माण विभाग को दी गई, लेकिन फिर भी इसकी कोई सुनवाई नहीं हो सकी। प्रत्येक वर्ष किसान इस समस्या को लेकर प्रशासन से मदद की गुहार लगाते रहते हैं, लेकिन समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है। पिछले वर्ष नेशनल हाईवे 334बी का निर्माण होने से एक तरफ पानी जमा होता है व सड़क की दूसरी तरफ पानी की सेम पहुंचने से फसल बर्बाद हो जाती हैं।
इन किसानों की फसल में भरा पानी
ढाणी इस्लामगढ़ निवासी शिवनारायण की 10 एकड़, ओमप्रकाश की 3 एकड़, विक्रम की 3 एकड़, करतार की 2 एकड़, व कृष्ण, राम किशन, राजेंद्र, प्रकाश सहित काफी किसानों की सैकड़ों एकड़ भूमि जलमग्न हो गई है। इस पानी की निकासी न होने के कारण अब उनकी फसल गल जाएंगी।
किसानों की प्रतिक्रिया
छुछकवास से ड्रेन नंबर 8 तक खेतों में पानी भरने से फसल बर्बाद हो जाती हैं। कई बार इसकी शिकायत प्रशासन को दी गई, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है।
- शिवनारायण, किसान।
वर्ष 2005 में सड़क निर्माण के समय पानी निकासी की पुलिया को तोड़ा गया था। उसके बाद पुलिया का निर्माण नहीं हो सका, जिसके कारण खेतों में पानी भर जाता।
- रामकिशन, किसान।
यह रोड अब नेशनल हाईवे अथॉरिटी के पास चला गया है। अब इसके लिए जो भी कार्रवाई करनी होगी, वह नेशनल हाईवे अथॉरिटी की तरफ से की जाएगी। अगर किसानों को इसके लिए कोई परेशानी आ रही है तो वे लोक निर्माण विभाग के कार्यालय में आकर मिल सकते हैं।
- नरेंद्र सिंहरोहा, कार्यकारी अभियंता, लोकनिर्माण विभाग, झज्जर।