शहर के बीच से गुजरती वेस्ट जुआ ड्रेन को विकसित कर उसके दोनों तरफ आमजन की सुविधा के लिए बनाई गई सड़क अतिक्रमण की शिकार हो रही है। रेलवे रोड पर ड्रेन की सड़क के नुक्कड़ से कबीर बस्ती के आसपास के क्षेत्र में सड़क किनारे रेहड़ी वालों व अस्थायी दुकान वालों का कब्जा हो रहा है।
कबीर बस्ती के साथ-साथ तो इस सड़क के बीचोंबीच झुग्गियां डाल ली गई हैं। सड़क पर जाम की स्थिति बनी रहती है। रेलवे रोड के श्रीविश्वकर्मा चौक के पास ज्यादा भीड़ हो गई है। वाहन चालक देर तक जाम में फंसे रहते हैं। कहने को तो यहां पुलिस भी रहती है, मगर जाम की स्थिति से निजात नहीं मिलती।
ट्रैफिक व्यवस्था बिगाड़ रहा अतिक्रमण
वेस्ट जुआं ड्रेन पर एक साथ फल-सब्जी की कई-कई रेहड़ी सड़क पर खड़ी रहती हैं। इससे वाहन चालकों को परेशानी होती है। नाहरा-नाहरी रोड, काठ मंडी, गांधी मार्केट व रेलवे रोड से आने वाले जिन वाहन चालकों को दिल्ली-रोहतक रोड या फिर पुराने औद्योगिक क्षेत्र या फिर बराही-आसौदा की तरफ आना-जाना होता है, उनको ज्यादा दिक्कत यहां से निकलते समय उठानी पड़ती है। रेहड़ी व सब्जी वालों की अस्थायी दुकानें यहां ट्रैफिक व्यवस्था को बिगाड़ती हैं। कुछ सब्जी विक्रेता तो ड्रेन के डिवाइडर पर बैठकर सब्जी बेचते हैं तो कुछ अपनी रेहड़ी को सड़क पर लगाते हैं।
गाड़ियों की लगती हैं लंबी लाइनें
यहां चौराहे पर तैनात पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में भी अतिक्रमण रहता है। त्योहारी सीजन में राहगीरों को रास्ता नहीं मिल पाता। रेलवे स्टेशन से दिल्ली-रोहतक रोड व टीकरी बॉर्डर की तरफ आने-जाने के लिए किसानों के ट्रैक्टर व दूसरे वाहन भी आते हैं। इससे इस मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव रहता है। दिन में कई बार जाम विकराल बन जाता है। काठ मंडी से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया तक वाहनों की कतारें लग जाती हैं तो रेलवे रोड से लेकर नाहरा-नाहरी रोड तक वाहन लाइनों में लगे नजर आते हैं। वाहन चालक कुणाल, कृष्ण, प्रदीप, मोहन, सुरेंद्र व राजेश ने कहा कि सड़कों पर अतिक्रमण को रोकने के लिए प्रशासन को उचित कार्रवाई करनी चाहिए। अतिक्रमण हटाओ अभियान लगातार चलाया जाए। चलाया जाना चाहिए, ताकि राहगीरों व बाजारों में खरीददारी करने के लिए आने वाले लोगों को परेशानी न उठानी पड़े। सड़कों पर गलत तरीके से खड़ी रेहड़ियां जाम का कारण बन रही हैं, उनको हटवाना चाहिए।