भारतीय सेना प्रमुख दलबीर सिंह सुहाग
- फोटो : अमर उजाला
आर्मी चीफ दलबीर सुहाग को अपनी गांव की बेटी पर नाज है। कुछ दिनों पहले आर्मी चीफ ने अपने पैतृक गांव बिसहान पहुंचने पर बेटियों को आगे बढ़ने को प्रोत्साहित किया था। उन्होंने कहा था कि उन्हें उस दिन का इंतजार रहेगा जब उनके गांव की बेटियां भी अफसर बनें। आर्मी चीफ के इस सपने को पूरा कर दिया गांव की बेटी श्वेता ने, जिसने एचसीएस में टॉप किया है। पिता रोडवेज विभाग में क्लर्क के पद पर तैनात हैं। रविवार को श्वेता गांव पहुंची, ग्रामीणों ने उसे सिर आंखों पर बैठाया। सम्मान में एक विशेष समारोह हुआ। वहीं श्वेता ने इसका श्रेय अपने दादा रामस्वरूप को दिया है। श्वेता के चाचा भीम सिंह भी इस मौके पर फूले नहीं समा रहे थे।
सम्मान के बाद श्वेता सुहाग ने कहा कि वह ग्रामीणों को पूरा विश्वास दिलाती हैं कि वे सामाजिक सद्भाव के साथ सरकार की योजनाओं पर बेहतर तरीके से काम कर अपने गांव और आपका नाम रोशन करूंगी। उन्होेंने कहा कि गांव की लड़कियां आगे निकले, इसके लिए वह कभी भी उनसे पढ़ाई में मदद ले सकती हैं।
सोनीपत के बिसाना में हुई थी प्रारंभिक शिक्षा
श्वेता की प्रारंभिक शिक्षा सोनीपत के बिसाना गांव से हुई है। इसके बाद उनका परिवार सेक्टर 3 में आकर रहने लगा। उन्होंने स्वामी नितानंद पब्लिक स्कूल में 12वीं तक की पढ़ाई की। स्नातक की पढ़ाई के लिए दिल्ली गई, लेकिन इससे पहले ह्यूमन राइट्स में दो साल का कोर्स किया। फिर दिल्ली यूनिवर्सिटी से ज्यूलॉजी में बीएससी किया। दोस्तों और एनसीईआरटी की किताबों से मिली मदद एचसीएस की तैयारी के दौरान दोस्तों और वरिष्ठ साथियों ने खूब मार्गदर्शन किया। साथ ही एनसीईआरटी और प्रतियोगी किताबों से मदद मिली। वे रोजाना हिंदी और अंग्रेजी के समाचार पत्र पढ़ती थी। अपने छोटे भाई सागर सुहाग को उसकी पढ़ाई में काफी मदद करती है। श्वेता के सम्मान समारोह में पूर्व सरंपच राज सिंह, पूर्व सरपंच रामपाल, पूर्व सरपंच राजेन्द्र सिंह, सरपंच विद्या देवी, ईशवर सिंह, हरज्ञान सिंह, भीम सिंह सुहाग, ओमप्रकाश, हरकेराम, जगबीर सिंह, साहब सिंह, सतीश सुहाग, सुखबीर सिंह, रिंकू सुहा, छोटू राम, रमेश व अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।