आप के जिलाध्यक्ष हरीश कुमार ने कहा कि हाल ही में देश की सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल परीक्षा नीट के रिजल्ट में हुई गड़बड़ी ने देश के लाखों बच्चों का भरोसा तोड़ दिया है। बीजेपी सरकार में देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा पर भी सवालिया निशान लग गए हैं। लाखों बच्चे और अभिभावक इसकी वजह से मानसिक तनाव में हैं।
1583 बच्चों को ग्रेस मार्क्स दिए गए और कई जगह से परीक्षा में गड़बड़ी की खबरें आने पर देश के लाखों बच्चों का भविष्य खतरे में है। 24 लाख बच्चों के साथ बहुत बड़ा धोखा हुआ है। उन्होंने कहा कि एमबीबीएस कोर्स में एडमिशन पाने के लिए 12वीं के बच्चे प्री-मेडिकल नीट एग्जाम देते हैं। नीट की परीक्षा देश के प्रतिष्ठित परीक्षाओं में गिना जाता है।
इससे पहले कभी ऐसा नहीं सुना गया कि पैसे देकर पीएमटी एग्जाम में अच्छे नंबर ला सकते हैं। उन्होंने कहा कि नीट के परिणाम 14 जून को आने थे, लेकिन इसे दस दिन पहले यानि 4 जून को ही जारी कर दिया गया ताकि मीडिया चुनावी नतीजों में लगी रहे और भाजपा के पेपर लीक की चर्चा न हो। एनटीए ने जान-बूझकर 4 जून को नतीजे जारी किए।
इस बात की भी जांच होनी चाहिए कि किन कारणों से 14 जून की जगह 4 जून को नीट के नतीजे जारी किए गए। इस अवसर पर मास्टर रणबीर गुलिया, कुलदीप छिक्कारा, उमराव बेरी, हरीश कुमार, अभिता द्विजा, राजबाला, डॉ. रविंद्र राज्याण, चंद्रमोहन, एडवोकेट सुनील शर्मा, वेद होलदार, संजीव, सुनील लखेरा, शैलेश, संदीप, नवीन दलाल, मुंशी राम सैनी, राजेश प्रजापत, हरीश तंवर मौजूद रहे।