फरवरी में हुए जाट आरक्षण आंदोलन की वजह से पैदा हुई स्थिति पर विचार विमर्श करने के लिए शनिवार को गांव मांडोठी में दलाल खाप-84 की ओर से प्रदेश की सभी खापों की पंचायत बुलाई गई। पंचायत ने दलाल-84 की तर्ज पर पूरे प्रदेश में सरकार का बहिष्कार कर असहयोग करने का समर्थन किया गया। इस मौके पर उन परिवारों को नकद राशि देकर सम्मानित किया गया, जिनके सदस्य की फरवरी के आंदोलन में मौत हो गई थी।
मांडोठी के दादा सीताराम मंदिर में हुई पंचायत में दलाल-84 के अलावा सांगवान, चाहार, नंदगढ़-12 जुलाना, दहिया व जाखड़ खापों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। दलाल खाप के प्रस्ताव पर सभी खापों की ओर से कहा गया कि जब तक जाट समाज की समस्याओं का समाधान सरकार नहीं करेगी, जब तक वे सरकार के बहिष्कार का समर्थन करेंगे। जब तक आरक्षण का पक्का इंतजाम नहीं होगा, गिरफ्तार किए लोगों को रिहा नहीं किया जाएगा, सभी केस रद्द नहीं होंगे और गिरफ्तारी बंद नहीं होंगी, तब तक सरकार के खिलाफ असहयोग चलेगा। पंचायत की अध्यक्षता दलाल-84 के प्रधान भूप सिंह ने की। उन्होंने कहा कि जाट समाज की मांगें नाजायज नहीं हैं। सरकार को गंभीरता से विचार कर उन्हें मान लेना चाहिए।
पंचायत में उन लोगों को सम्मानित किया गया, जिनके परिजनों की फरवरी के आंदोलन में मौत हो गई थी। उन्नीस मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और शाल भेंट की गई। गंभीर रूप से घायल 12 लोगों को एक-एक लाख रुपये और साधारण घायलों को 50-50 हजार रुपये व शाल भेंट की गई। पहलवान वीरेंद्र बुल्लड़ ने अपनी तरफ से भी सभी को सम्मानित किया। दलाल-94 के उप प्रधान दयाराम, ओमप्रकाश, वेद मास्टर, सतपाल सरपंच, दयानंद आसौदा, जय सिंह आसौदा, जग्गे मांडोठी, साहब सिंह छारा, प्रेम व राजेंद्र मांडोठी भी पंचायत में शामिल रहे।
मंाडोठी में जाट समाज की पंचायत के आयोजन को देखते हुए डीएसपी धीरज कुमार की अगुवाई में पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। मांडोठी के निकट आसौदा पुलिस चौकी में और मांडोठी पुलिस चौकी में पुलिस मौजूद रही। रोहद टोल प्लाजा भी सुरक्षा की विशेष व्यवस्था की गई थी।