राशलवाला चौक पर जाटों के धरने में बढ़ती हुई भीड़ को देखकर संघर्ष समिति ने अब धरनास्थल का दायरा बढ़ा दिया है। रविवार को छुट्टी के दिन धरने में भारी भीड़ देखने को मिली। धरने को समर्थन देने के लिए ट्रैक्टर-ट्रालियों के काफिलों ढोल नगाड़ों के साथ पहुंचे। वहीं धरने के दौरान आने वाले ट्रैक्टरों के आगे तिरंगे झंडे लगे हुए थे। रविवार को समर्थन देने लिए पहुंचे इनेलो नेता व पूर्व विधायक बलवंत मायना ने कहा कि धरने को उनका पूर्ण समर्थन है। उन्होंने कहा कि राजनीति से पहले उनके लिए समाज है और समाज के लिए वे राजनीति छोड़ने के लिए भी तैयार हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को हठधर्मिता छोड़ते हुए युवाओं पर दर्ज मुकदमों को खारिज करना चाहिए, ताकि वे अपराध की दुनिया में कदम रखने की बजाए इस प्रदेश के अच्छे नागरिक बनें।
बच्चों ने सुनाई कविताएं तो बुजुर्ग ने रागिनियां
धरने के दौरान देखने को मिला कि छोटे बच्चे जाट आरक्षण के हक मेें कविताएं तैयार करके लाए हुए थे। इन्होंने स्टेज के माध्यम से अपनी कविताएं पढ़ी। वहीं खेड़ी जट्ट के बुजुर्ग सतनारायण गुलिया के द्वारा रागिनी के माध्यम से आरक्षण के लिए जाटों को प्रेरित करने के साथ-साथ सरकार पर कटाक्ष भी किया गया। वहीं मंच से सरकार पर कटाक्ष के चुटकुले भी रविवार को धरने पर देखने को मिले। धरने पर आए लोगों को संघर्ष समिति के द्वारा रविवार को साढे़ चार क्विंटल लड्डू बांटे गए। धरना दे रहे लोगों के लिए हलवे और पूड़ी का प्रबंध भी धरनास्थल के नजदीक ही किया गया था। धरने में महिलाएं भी काफी संख्या में मौजूद रही। वहीं महिलाओं ने वालंटियर के तौर पर भी ड्यूटियां दी।
इन्होंने दिया समर्थन
पूर्व विधायक और इनेलो नेता बलवंत मायना, कादियान खाप के प्रधान केदार कादियान, डाबोदा खुर्द के सरपंच जयंत तंवर, भाजपा नेता अजय खत्री, तेजा पहलवान छारा, गुलिया खाप के प्रधान नरेश गुलिया, खजान प्रधान ढाका-12, जाट सभा गुड़गांव प्रधान ओमप्रकाश सुहाग, बाबेपुर सरपंच विकास शर्मा, पतंजलि टीम बहादुरगढ़ ने धरने को समर्थन दिया।