जींद। जापान के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय प्रसारण चैनल एनएचके ने भारतीय सामाजिक कार्यकर्ता, पूर्व सरपंच व प्रोफेसर सुनील जागलान के अंतरराष्ट्रीय स्तर के जनजागरण अभियानों पर एक विशेष डॉक्यूमेंट्री शूट की है। यह शूटिंग जिले के बीबीपुर गांव में की गई जहां जापानी फिल्म मेकर नोमूरा यूसूकी ने जागलान के क्रांतिकारी प्रयासों को कैमरे में कैद किया।
डॉक्यूमेंट्री में जागलान के प्रमुख अभियान लाडो राइट्स, सेल्फी विद डॉटर, बेटियों के नाम नेमप्लेट, लड़कियों की शादी की न्यूनतम आयु 21 वर्ष करने का अभियान और सेल्फी अंगेस्ट डॉवरी को प्रमुखता से दर्शाया गया है। इसमें जागलान की टीम के सदस्यों की भूमिका भी उभरकर सामने आई।
एनएचके के डॉक्यूमेंट्री फिल्म मेकर नोमूरा यूसूकी ने जागलान के कार्यों की प्रशंसा की और कहा, जापान में सुनील जागलान के अभियानों के बारे में पढ़ने को मिला है। यह प्रयास न केवल भारत के लिए, बल्कि वैश्विक स्तर पर महिलाओं के सशक्तिकरण की मिसाल है। यह डॉक्यूमेंट्री जागलान के वैश्विक प्रभाव का एक और प्रमाण है।
इससे पहले 30 से अधिक देशों में उनके जीवन और कार्यों पर डॉक्यूमेंट्री फिल्में निर्मित हो चुकी हैं, जिन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा गया है। सुनील जागलान ने कहा कि यह अत्यंत प्रेरणादायक है कि उनके अभियानों की गूंज डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से जापान तक पहुंच रही है। वहां भी महिला शोषण की समस्या गंभीर है।
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पिछले 15 वर्षों से अधिक समय से महिला सशक्तिकरण एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में सक्रिय सुनील जागलान ने बेटी बचाओ से लेकर सेल्फी विद डॉटर, बेटियों के नाम नेमप्लेट, पीरियड चार्ट, एक पेड़ लाडो के नाम, विमेन हैप्पीनेस चार्ट, लाडो पंचायत अभियान शुरू किए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन्हें कई बार राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सराहा है। सुनील जागलान न्यूयॉर्क टाइम्स में पहले पेज पर पूर्ण प्रोफाइल प्रकाशित होने वाले पहले भारतीय हैं।