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हिसार में लाठीचार्ज के खिलाफ रोहद टोल पर किसानों ने लगाया जाम

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बहादुरगढ़। हिसार में किसानों पर पुलिस लाठीचार्ज के विरोध में कुछ स्थानीय किसानों ने रविवार को रोहद टोल प्लाजा पर दिल्ली-रोहतक रोड पर जाम लगा दिया। इससे करीब आधा घंटा तक वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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हिसार में मुख्यमंत्री मनोहरलाल के आगमन का विरोध कर रहे किसानों पर पुलिस द्वारा बल प्रयोग करने के खिलाफ हाईवे जाम करने के किसान नेताओं के आह्वान पर शाम सवा पांच बजे करीब 50 किसान नेशनल हाईवे नंबर-9 के रोहद टोल प्लाजा पहुंच गए। यहां किसान हरेक टोल गेट के आगे खड़े हो गए और फाटक बंद करवा दिए। इससे रोड पर जाम लग गया। लगभग पौने छह बजे सभी किसान सड़क से हट गए और यातायात सामान्य हो गया।
उधर, आंदोलकारी किसानों के टीकरी बॉर्डर पड़ाव में पकोड़ा चौक के पास भारतीय किसान यूनियन एकता (उगराहां) की सभा हुई। किसानों को यूनियन के उपाध्यक्ष जसविंदर सिंह लोंगोवाल ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि केंद्र की दमनकारी भाजपा सरकार पिछले साल से देश को बर्बाद करने पर तुली है। कोरोना की आड़ में कृषि अर्थव्यवस्था को तबाह करने के लिए इस सरकार ने तीन गलत कानून बना दिए।
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किसानों को आंदोलन से पीछे न हटने के लिए प्रेरित करते हुए किसान नेताओं ने कहा कि हमारा इतिहास बलिदानों से भरा है। इतिहास में साल का शायद ही कोई दिन ऐसा होता है जिस दिन सिंहों ने समाज के लिए या अपने अधिकारों के लिए लड़ते हुए कोई बलिदान नहीं दिया हो। अतीत में, सरकारें लोगों को प्रताड़ित करती थीं, लेकिन संघर्षरत लोग कभी नहीं डरते थे। गदर आंदोलन के प्रेम सिंह और ईशर सिंह को तत्कालीन सरकारों ने आज के दिन लाहौर जेल में फांसी दी थी। उन्होंने आंदोलन जिन किसानों की जान जा रही है उनकी मौत नहीं हो रहीं, वे शहीद हो रहे हैं।
गुरप्रीत सिंह नूरपुरा ने भी किसानों को सिंहों के बलिदानों के कई प्रसंग सुनाए। हरबंस सिंह कोटली ने मंच प्रबंधन की भूमिका निभाई और कार्यक्रम स्थल की स्थापना फिल्म अभिनेता मलकीत रौनी, हरजीत सिंह महिला चौक, रमनदीप सिंह लोंगोवाल ने की और बहादुर भुटाल ने भी संबोधित किया।
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