हरियाली, साफ-सफाई, मिट्टी में घड़े दबाकर पेड़ों की हरियाली बरकरार रखने के लिए अपनाए गए तरीके, कुशल प्रबंधन के लिए पिछले काफी लंबे समय से चर्चाओं में रही झज्जर की दुलीना जेल अब हरियाणा प्रदेश के लिए ही नहीं, बल्कि दूसरे राज्यों के लिए एक तरह से आदर्श बन गई है।
इसकी बानगी वीरवार को उस समय देखने को मिली, जब मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, दिल्ली व हिमाचल सहित सात राज्यों के जेल अधिकारी दुलीना जेल की सुविधाओं को जायजा लेने पहुंचे।
इन्होंने खींचा प्रतिनिधिमंडल का ध्यान
यहां वह न सिर्फ जेल की हरियाली देखकर प्रसन्न हुए, बल्कि उन्होंने जेल प्रबंधन द्वारा पेड़ों की हरियाली को बरकरार रखने के लिए अपनाई गई मटका विधि, हर पेड़ पर सकोरे लटकाकर पक्षियों की प्रजातियों को बचाने के लिए उनके पानी और दाने-चुग्गे के इंतजाम देखकर भी जेल प्रबंधन की तारीफ की।
सात राज्यों के जेल अधिकारियों के इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व महाराष्ट्र की डीआईजी स्वाति साठे ने किया। उन्होंने दुलीना जेल में की गई सुविधाओं को जायजा लेने के बाद मीडिया से बातचीत भी की। उन्होंने कहा कि इन सात राज्यों का यह प्रतिनिधिमंडल पिछले चार दिनों से हरियाणा के दौरे पर है।
उनका उद्देश्य है कि जहां कुछ अच्छा हो रहा है, उसे अपनाया जाए। हरियाणा के बारे में अक्सर दूसरे राज्यों में सोच इस प्रकार की है कि वहां कैसा होगा, क्या होगा, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है। यहां के लोग अच्छे हैं और सीमित संसाधन में जेल को अच्छा बनाने और पर्यावरण को स्वच्छ करने के लिए जो प्रयास प्रबंधन ने किए हैं, उससे माहौल सकारात्मक बन रहा है।
इसके लिए जेल प्रबंधन विशेष रूप से बधाई का पात्र है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से हवा के रुख को बदला जाता है, ठीक उसी प्रकार से दुलीना जेल में पूरे माहौल को बदलकर रख दिया गया है। जीरो खर्च में इस प्रकार से पर्यावरण बचाने की मिसाल पेश करना एक तरह से दूसरे राज्यों की जेलों के लिए आदर्श है।
साठे ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल का पूरा प्रयास होगा कि जो माहौल उन्हें दुलीना और भोंडसी जेल मेें देखने को मिला है, वह उनके राज्य में भी तैयार किया जाए। इस मौके पर भोंडसी जेल अधीक्षक हरेंद्र सिंह, सोनीपत जेल अधीक्षक जय किशन छिल्लर के अलावा दुलीना जेल अधीक्षक सुनील सांगवान, उपाधीक्षक सत्यवान भी मौजूद रहे।
हरियाणा में जेलों की स्थिति का जायजा लेने के लिए टीम ने विजिट किया है, ताकि एक-दूसरे के अनुभव से सीखकर जेल में और सुविधाएं बढ़ाई जा सके।
सुनील सांगवान, जेल अधीक्षक दुलीना जेल झज्जर