जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान जेलों में बंद हुए युवाओं की रिहाई की मांग को लेकर गांव तलाव में सर्वखाप पंचायत हुई। पंचायत में प्रदेश भर के खाप प्रतिनिधियों के अलावा यूपी के भी खाप प्रतिनिधियों ने भाग लिया। अध्यक्षता गांव तलाव के पूर्व सूबेदार सूबे सिंह ने की। पंचायत में हर स्तर के चुनाव में भाजपा का बहिष्कार करने, बिजली बिल सहित किसी भी प्रकार की सरकारी देनदारी अदा न करने का निर्णय हुआ। पंचायत में सरकार को जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान दर्ज हुए मुकद्दमों को रद्द करने तथा जेल में बंद युवाओं को रिहा करने के साथ आंदोलन के दौरान मारे गए युवाओं के परिजनों को आर्थिक सहायता सहित एक सरकारी नौकरी देने के लिए 29 मई तक का अल्टीमेटम भी दिया गया है। पंचायत समाप्त होने पर करीब 44 लोगों ने सांकेतिक गिरफ्तारी देकर अपना रोष प्रकट भी किया और अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन एसडीएम पंकज सेतिया को सौंपा।
सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम
महापंचायत के दौरान किसी तरह की अप्रिय घटना न हो इसके लिए जिला पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए। झज्जर- छुछकवास मार्ग पर नाके लगाकर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहो। डीएसपी राजीव, डीएसपी जगत सिंह, डीएसपी हंसराज, एसडीएम पंकज सेतिया, तहसीलदार हितेंद्र शर्मा मौके पर मौजूद रहे। जबकि एसपी जशभनदीप सिंह पूरे मामले की पल-पल की जानकारी लेते रहे।
इन खापों ने लिया भाग
महापंचायत में धनखड़ खाप, दुल्हेड़ा बारहा, गुलिया खाप, सतगामा बालंद, कादयान खाप, जाट युवा मंच, जाखड़ खाप सहित यूपी से भी जुड़े खाप प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
आंदोलन में हुई घटनाओं के लिए सरकार को ठहराया जिम्मेवार
महापंचायत में वक्ताओं ने आंदोलन के दौरान हुई घटनाओं के लिए सरकार को जिम्मेवार ठहराते हुए सरकार पर सामाजिक ताने बाने को बिगड़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार की शह पर ही राजकुमार सैनी प्रदेश की जनता को जातीय द्वेष की आग में धकेल रही है। जिसके चलते प्रदेश में आपसी भाईचारा बिगड़ा है।
44 लोगों ने दी गिरफ्तारी
पंचायत के बाद करीब 44 लोगों ने सांकेतिक गिरफ्तारी दी। गिरफ्तारी देने वाले लोगों को रोडवेज की बस में बैठाकर गांव मारोत के पास ले जाया गया। जहां कागजी कार्यवाही पूरी करने के बाद पंचायत स्थल पर ही छोड़ दिया गया।