जाट आरक्षण को लेकर छिड़े संघर्ष के बीच शनिवार को स्थानीय जाट नेताओं ने भी संघर्ष में कूदने का एलान किया। जाट नेताओं की चौ. छोटूराम धर्मशाला में हुई बैठक में 14 फरवरी को सांपला के लिए कूच करने का फैसला लिया गया।
मय्यड़ से यहां जाट नेताओं की बैठक में शरीक हुए अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय महासचिव ओमप्रकाश धनखड़ ने रविवार को सांपला में भी रेलवे ट्रैक जाम करने के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि जाटों ने सरकार को मय्यड़ का ट्रेलर तो दिखा दिया है, अब रविवार को रोहतक के सांपला, भिवानी के बामला और रेवाड़ी के बावल में भी किसान ट्रेलर दिखाएंगे।
छोटूराम धर्मशाला में जाट नेताओं की बैठक की अध्यक्षता झज्जर 360 के प्रधान गजराज पहलवान ने की। बैठक में जाट कौम को आरक्षण दिलाने के लिए किए जा रहे संघर्ष में जिला झज्जर की तरफ से पूरा सहयोग देने का फैसला लिया गया।
जाट नेताओं ने 14 फरवरी को सांपला में होने वाली जाट रैली में समाज के लोगों से बढ़-चढ़कर पहुंचने की अपील की। कहा कि 14 फरवरी की रैली में जो भी फैसला होगा, उसे अमल में लाया जाएगा। जाट समाज आरक्षण लेकर रहेगा। जब तक आरक्षण नहीं मिलता, आंदोलन जारी रखा जाएगा।
बैठक में किसान नेता जगदीश गुलिया, रिटायर्ड कमांडेंट मायाराम चाहार, समेर सिंह, वीरसिंह, रामहेर सिंह, हरिसिंह माछरौली, भूपसिंह, श्री भगवान, राजेंद्र यादव, रामबीर जौंधी सहित अन्य भी मौजूद रहे।
जो डरता है, वह घर में बैठे
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय महासचिव ओमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि प्रदेश में जाट आरक्षण के लिए लड़ाई शुरू हो गई है, जाट समाज इसमें शामिल हो। समाज का जो व्यक्ति डरता है, वह अपने घर में दुबका रहे। अब संघर्ष आरपार का होगा।
एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि ट्रेन तो सरकार ने रोकी हैं, हम तो ट्रैक पर हैं। हमने कोई रेलगाड़ी नहीं रोकी। उन्होंने बताया कि सोमवार को सिवानी में जाटों ने ताकत दिखाने की तैयारी कर ली है। पलवल में भी जाट समाज के प्रमुख नेताओं की बैठक में आगामी कदम पर चर्चा की जा रहेे।
सांसद सैनी पर बोला हमला
जाट नेताओं की बैठक में कुरुक्षेत्र के सांसद राजकुमार सैनी पर भी हमला बोला गया। रिटायर्ड कमांडेंट मायाराम चाहर ने तो उन पर अभद्र टिप्पणी कर दी। उनको कोई ज्ञान ही नहीं है, ज्ञान होता तो वे समाज को तोड़ने की बात कभी नहीं करते।
वे भड़काऊ बयानबाजी कर रहे हैं और उनकी जबान पर सरकार ने बैन नहीं लगाया तो प्रदेश में तोड़फोड़ का अंदेशा है। झज्जर 360 के प्रधान गजराज पहलवान ने कहा कि जिले से ज्यादा से ज्यादा संख्या में सांपला रैली में पहुंचेंगे। आंदोलन को लेकर आगे का फैसला वहीं पर होगा।
भाकियू नेता जगदीश गुलिया ने कहा कि जाटों को आरक्षण मिलने पर पिछड़ों का और हमारा मामला सही बैठ गया था, लेकिन अब जो माहौल है, उससे दोनों वर्गों में लड़ाई-झगड़ा बढ़ेगा। हमने आरक्षण के लिए संघर्ष नहीं किया तो हमारी आने वाली पीढ़ी हम पर इल्जाम लगाएंगी कि हमारे बुजुर्गों ने हमारे हक के लिए लड़ाई नहीं की।