-फोटो 88 : डांस अकादमी में डांस करती महिलाएं। स्रोत अकादमी
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बहादुरगढ़। तेजी से बदलती जीवनशैली और बढ़ते कामकाज के दबाव के बीच मेट्रो सिटी के लोग अब मानसिक तनाव से बाहर आने के लिए नृत्य और संगीत का सहारा ले रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस के अवसर पर शहर में बदलते ट्रेंड की साफ झलक देखने को मिल रही है। जहां पहले डांस केवल शौक या मंचीय गतिविधि तक सीमित था वहीं अब यह फिटनेस और मानसिक सुकून का माध्यम बनता जा रहा है।
29 अप्रैल को अंतरराष्ट्रीय नृत्य दिवस मनाया जाता है। शहर में पिछले कुछ समय में दो से तीन डांस अकादमियां खुल चुकी हैं। इनमें बच्चों के साथ-साथ युवा और महिलाएं भी बढ़-चढ़कर भाग ले रही हैं। खास बात यह है कि यहां केवल पारंपरिक नृत्य ही नहीं बल्कि वेस्टर्न, हिप-हॉप और फ्यूजन डांस भी सिखाया जा रहा है जिससे लोगों की रुचि और बढ़ी है।
सेक्टर-6 में स्थित ऑल स्टेप्स डांस अकादमी के संचालक मंजीत कुमार ने बताया कि नृत्य न केवल शरीर को फिट रखता है बल्कि मानसिक तनाव को भी काफी हद तक कम करता है। दिनभर की भागदौड़ और काम के दबाव के बाद लोग जब संगीत की धुन पर थिरकते हैं तो उनका मन हल्का हो जाता है। यही कारण है कि अब हर उम्र के लोग डांस क्लास की ओर आकर्षित हो रहे हैं।
इसके अलावा शहर के कई जिम में भी सुबह के समय जुंबा क्लास आयोजित की जा रही हैं। इन क्लासेस में तेज म्यूजिक के साथ एक्सरसाइज का कॉम्बिनेशन लोगों को काफी पसंद आ रहा है। खासकर महिलाएं और युवा इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। जुंबा को फिटनेस के साथ-साथ एंटरटेनमेंट का बेहतरीन मिश्रण माना जा रहा है।
खास बात यह है कि अब लोग घरों में भी बच्चों के साथ डांस करते हुए तनाव दूर करने का प्रयास करते हैं। लालचंद कॉलोनी निवासी राखी, राधिका व अग्रवाल कॉलोनी निवासी ईशा व पिंकी का कहना है कि बच्चों के साथ डांस करने से उनका आत्मविश्वास बढ़ता है। शारीरिक रूप से मजबूत होते हैं। कहा कि मानसिक तनाव को दूर करने के लिए अकादमी में आती हैं।