05jjrp10- मातनहेल गांव में शोक व्यक्त करते पहुंचे पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला। स्रोत-पार
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झज्जर। हरियाणा के पूर्व उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संदेश दिया है कि वह पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाए और संगठित रहकर जनहित के लिए संघर्ष करें। वह रविवार को जिले के कई सामाजिक कार्यक्रमों में शिरकत करने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों हुए जलभराव व प्रकृति की मार से किसान बुरी तरह परेशान हैं। उन्हें उम्मीद थी कि सरकार मुआवजे के लिए कुछ करेगी लेकिन सरकार ने प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा राशि दिए जाने की बजाय उलटा उसकी मंडी में आ रही बाजरे की फसल को भी एक तरह से खरीदने से मना कर दिया।
ऐसे में किसान अपनी बाजरे की फसल औने-पौने दामों में बेचने का मजबूर हो गया है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में जब वह डिप्टी सीएम के पद पर थे तो उन्होंने न सिर्फ किसानों की फसलें समय पर खरीदे जाने की व्यवस्था को ठीक कराया था बल्कि किसानों को चौबीस घंटे के भीतर उनके खाते में भी उनकी बेची गई फसल के पैसे भेज दिए जाते थे। आज प्रदेश का किसान परेशान है।
चौटाला ने कहा कि आज हरियाणा की नायब सैनी सरकार केवल और केवल घोषणाओं की राजनीति कर रही है। किसानों व आम जनता के हितों से सरकार को कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने सरकार की लाडो लक्ष्मी योजना को भी महिलाओं के साथ एक छलावा बताया।
उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में सभी महिलाओं को इसी योजना के तहत 2100 रुपये दिए जाने का वादा किया था लेकिन एक बार सत्ता क्या मिली सरकार की भाषा ही बदल गई। उन्होंने कहा कि यही हाल सरकार की बीपीएल योजना का है। लाखों बीपीएल कार्ड काटकर नायब सैनी सरकार ने दिखा दिया है कि वह गरीबों की कतई हितैषी नहीं है। यहां से गांव मातनहेल भी पहुंचे। उन्होंने जेजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राकेश जाखड़ के साले की अचानक हुई मृत्यु पर दुख प्रकट किया और शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया। इसके बाद वह कार्यकर्ताओं से रूबरू हुए।
इस मौके पर जिलाध्यक्ष संजय दलाल, प्रेस प्रवक्ता विकास पाराशर, मिंटू ठेकेदार, सवीन पंघाल, राजू दलाल, भूपेंद्र गहलोत, राजेश महराना, संदीप अहलावत, नवीन कुमार मौजूद रहे।