संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर। घायल दीपक और मृतक मुकुल के घर कई दिनों से खुशी का माहौल था। दीपक का चयन एयरफोर्स में क्लर्क के पद पर हो गया था और कुछ दिन पहले ही ज्वाॅइनिंग लेटर घर आया था। 10 दिन बाद दीपक को जाना था। वहीं, मृतक मुकुल भी एयरफोर्स की परीक्षा पास कर चुके थे। वह फाइनल परिणाम का इंतजार कर रहे थे।
मृतक निशांत भी एयरफोर्स की तैयारी में जुटे थे। मुकुल और दीपक निशांत का फाॅर्म भरवाने के लिए झज्जर जा रहे थे लेकिन उससे पहले ही घर से कुछ दूरी पर हादसा हो गया। सूचना के बाद घरों में लोगों की भीड़ जुटने लगी। घायल दीपक के पिता सुखबीर आर्मी में हेडकांस्टेबल थे। वह मार्च में रिटार्यड हुए थे।
बोनट का हिस्सा झाड़ियों में पड़ा मिला
हादसा इतना भयंकर था कि आई-10 गाड़ी के बोनट का हिस्सा कई फीट दूर झाड़ियों में पड़ा मिला। यही नहीं स्टीयरिंग टूटकर गाड़ी चला रहे युवक की छाती से चिपक गई। गाड़ी का अगला हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। गाड़ी की खिड़कियों को काटकर घायलों को बाहर निकाला जा सका।
दीपक और मुकुल इकलौते बेटे
हादसे में घायल दीपक और मृतक मुकुल अपने परिवार के इकलौता बेटे हैं। दोनों के एक-एक बड़ी बहन भी है। तीनों ही युवकों के भदानी गांव में आसपास मकान है और तीनों युवक झज्जर में एक कोचिंग सेंटर पर एयर फोर्स की तैयारी करते थे।
विधायक ने दी परिवार को सांत्वना
हादसा होने की सूचना मिलते झज्जर विधानसभा क्षेत्र से विधायक गीता भुक्कल अस्पताल में परिवार से मिलने पहुंची। इसके बाद विधायक ने परिवार से मिलकर सांत्वना व्यक्ति की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार घटना होना चिंता का विषय है और परिवार के लिए बहुत बड़ा नुकसान है।
25jjrp18- झज्जर। निशांत के शव को लेकर जाते परिजन। संवाद
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