बहादुरगढ़। वैश्य आर्य कन्या महाविद्यालय जीसीएनईपी द्वारा दो दिवसीय आउटरीच प्रोग्राम माई वर्कशॉप आयोजित की गई। इसमें भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिकों द्वारा विज्ञान और अनुसंधान में नए अवसर के बारे में मुख्य जानकारी दी गई और छात्राओं को कैरियर के अवसरों के बारे में मुख्य मार्गदर्शन दिया गया।
महाविद्यालय प्राचार्य डाॅ. राजवंती शर्मा ने कहा कि आज का युग विज्ञान का युग है। विज्ञान सोचने का एक तरीका है लेकिन विज्ञान में सोचना कैसे संभव है? यदि आपका मन जिज्ञासु है और आप अपने आसपास की चीजों पर सवाल उठाना और उनका पता लगाना पसंद करते हैं तो संभवत: आप वास्तव में वैज्ञानिक तरीके से सोचते हैं और शायद आपका झुकाव भी विज्ञान की ओर है।
ऐसे में फिर विज्ञान में डिग्री लेने के बारे में क्यों न सोचें? आज विज्ञान शिक्षा के क्षेत्र में कई रोमांचक विकल्प उपलब्ध हैं और ये बहुत अच्छा मौका है आप लोगों के लिए कि आप इसका भरपूर फायदा उठाए। कार्यशाला के पहले दिन डॉ. भारती मिश्रा के साथ महाविद्यालय की छह छात्राओं ने बीएआरसी के वैज्ञानिकों ने मुख्य विज्ञान और नए शोध के बारे में समस्याओं का समाधान किया।
रॉकी गणित के सहायक प्रोफेसर के साथ बीएससी के सात छात्रों ने जीसीएनईपी के कैंपस में कॅरिअर मार्गदर्शन प्राप्त किया। कार्यशाला के अंत में एक प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता हुई। इसमें पहले दिन महाविद्यालय की बीएससी तृतीय वर्ष की छात्र अंशु को पुरस्कार मिला और दूसरे दिन बीएससी प्रथम वर्ष की छात्रा दीपिका को पुरस्कार मिला।