बहादुरगढ़। दिल्ली से सटे इंडस्ट्रियल शहर बहादुरगढ़ को गेट वे ऑफ हरियाणा कहा जाता है। इस ख्याति के साथ प्रशासन की अनदेखी यहां के लोगों को मुसीबत में डाल रही है। क्योंकि यहां के रहने वाले इंडस्ट्रियल वेस्ट से परेशान हैं। आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र (एमआईई) में कई जगहों पर इंडस्ट्रियल वेस्ट डाला जा रहा है।
वेस्ट जुआं ड्रेन के साथ दो जगहों पर इंडस्ट्रियल कूड़े के ढेर लगे हैं। जब कूड़ा ज्यादा हो जाता है तो कोई न कोई फैक्टरी संचालक इसमें आग लगवा देता है। इसके कारण दुर्गंध भरा जहरीला धुंआ चारों ओर फैल जाता है। शनिवार को सुबह वेस्ट जुआं ड्रेन के साथ कूड़ा जलता रहा और लोगों को परेशानी होती रही।
वार्ड 18 के पार्षद संदीप दहिया ने फायर ब्रिगेड को फोन कर एक दिन पहले शाम को आग बुझवाई लेकिन शनिवार को सुबह फिर से आग बुझाने के लिए टीम को बुलाया गया। आसपास की लेदर और दूसरी फैक्टरियां यहां अपना वेस्ट डालती हैं। कई बार उन्हें कहा गया है लेकिन वे मानते नहीं हैं। प्रदूषण नियंत्रण विभाग सिर्फ नोटिस देकर चुप हो जाता है, नगर परिषद भी कोई कार्रवाई नहीं करती।
बेखौफ यहां कूड़ा डालना जारी रहता है। जब धुआं उठता है तो सांस लेना मुश्किल हो जाता है। फायर ब्रिगेड के कर्मचारी भी कहते हैं कि यहां लगातार आग लगती है। सूचना पर वे आते हैं और आग बुझाकर चले जाते हैं। इसके बाद फैक्टरी वाले फिर कूड़ा डालकर आग लगा देते हैं। ये हाल केवल वेस्ट जुआं ड्रेन के साथ लगते इलाके का ही नही बल्कि एचएसआईआईडीसी के औद्योगिक क्षेत्र में बाईपास के साथ और रोहतक-दिल्ली रोड पर मांडौठी जाने वाली सड़क कर कार्नर पर भी है।
जिम्मेदार अधिकारी व डिपार्टमेंट सिर्फ नोटिस-नोटिस खेलकर अपनी ड्यूटी पूरी किए जा रहे हैं। भुगतना आम आदमी को पड़ रहा है। वह धुएं से निकले जहरीले प्रदूषण का शिकार होकर बीमारियों की चपेट में आ रहा है।
प्रदूषण फैलाने वाली फैक्टरी संचालकों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। लगातार नोटिस दिए जा रहे हैं। इसके बाद भी वे हरकतों से बाज नहीं आते हैं तो फैक्टरी सील करने की कार्रवाई की जाती है। एक दिन पहले भी प्रदूषण फैलाने वाली फैक्टरियां सील की गई हैं।
- अमित कुमार, एसडीओ, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बहादुरगढ़।