एक युवक को विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये ठगने का मामला प्रकाश में आया है। ठगी करने वालों में से एक ने खुद को आईएएस बताते हुए सत्तारूढ़ राजनैतिक पार्टी के एक कद्दावर नेता का नाम भी उपयोग में लिया। ठगी की वादरात बहादुरगढ़ के सेक्टर-7 स्थित एक एनजीओ के आफिस में हुई, जहां एक क्लब के नाम से एनजीओ चलाया जा रहा था। मामला सामने आने के बाद से आरोपी दफ्तर बंद कर गायब हैं। पुलिस मामले में जांच कराने की बात कह रही है।
सोनीपत जिले की तहसील खरखोदा के गांव नकलोई के नवीन ने बताया कि उसके एक परिचित ने विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर 9 लाख रुपये, पासपोर्ट और 10वीं कक्षा की मूल अंक तालिका ले ली, लेकिन उसे नौकरी नहीं दिलाई। पीड़ित ने पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि उसको ठगने के लिए आरोपी ने सत्तारूढ़ राजनैतिक पार्टी के एक कद्दावर नेता का नाम भी उपयोग में लिया। पीड़ित का दावा है कि आरोपित ने दिल्ली में उक्त नेता से उसकी मुलाकात भी कराई।
नवीन ने बताया कि ठग गिरोह का मुखिया बहादुरगढ़ के सेक्टर-7 में एक एनजीओ दफ्तर चलाता था। यहीं उसने अपने दो साथियों और एक कथित आईएएस के साथ मिलकर ठगी को अंजाम दिया। जब उसे ठगी का अहसास हुआ तो उसने आरोपित पर पैसे वापस देेने के लिए दबाव बनाया। चूंकि आरोपित उनका परिचित था तो दबाव में उसने 4 लाख 50 हजार रुपये का चेक दे दिया, लेकिन वह बैंक से डिस ऑर्डर हो गया।
पीड़ित का कहना है कि ठगी की दूसरी आरोपित एक युवती ने पहले उसे फोन पर मैसेज कर जल्द पैसे वापस देने की बात कही। आरोप है कि अब उसे पैसे देने के बजाय जान से मारने की धमकी मिल रही है। नवीन का कहना है कि अगर पुलिस ने दोषियों के खिलाफ उचित कार्यवाही नहीं की तो वह रोहतक में आईजीपी ऑफिस के बाहर धरना देगा।
सोमवार को पीड़ित युवक बहादुरगढ़ में डीएसपी से मिला और इंसाफ की गुहार लगाई। डीएसपी शमशेर सिंह ने कहा कि वह मामले की जांच शहर थाना पुलिस से कराएंगे। जो भी दोषी होंगे उनके खिलाफ जरूरी कानूनी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि पीड़ित युवक जिस कद्दावर नेता का नाम ले रहा है, उसके नाम का उपयोग खुद में गंभीर बात है।