झज्जर। शिक्षा विभाग राजकीय विद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ाने के लिए काफी गंभीर नजर आ रहा है। जिसके सकारात्मक परिणाम भी दिखाई दे रहे हैं। कुछ विद्यालयों में काफी छात्र संख्या बढ़ी है। शिक्षा विभाग की तरफ से पहली कक्षा में विद्यार्थियों की संख्या को बढ़ाने स्टाफ को फील्ड में उतारा गया है। सबसे ज्यादा जोर पहली कक्षा में दाखिले के लिए दिया जा रहा है। जिले में पिछले साल 3555 विद्यार्थी पहली कक्षा में थे। लेकिन इस बार पहली कक्षा में मात्र 2353 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया है। सरकार की तरफ से विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए 30 जून तक का समय निर्धारित किया गया है। इसमें भी अब केवल दो दिन की अवधि शेष बची है।
- सबसे अधिक झज्जर विद्यालय में बढ़ी छात्र संख्या
शहीद रमेश कुमार राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल में पिछले वर्ष 621 विद्यार्थी थे। इस वर्ष इनकी संख्या बढ़कर 741 हो गई। राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल, भूरावास में 188 से बढ़कर 304, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सांखोल में 583 से बढ़कर 674 तथा राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल, ढाकला में 123 से बढ़कर 171 विद्यार्थी अब तक दाखिला ले चुके हैं। जिला सक्षम नोडल अधिकारी डॉ. सुदर्शन पुनिया ने बताया कि जिले में 26 उच्च एवं वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ऐसे है जिनमे छात्र संख्या अभी भी 60 से कम है। जिला शिक्षा अधिकारी बीपी राणा ने ऐसे विद्यालय के मुखियाओं को सोमवार को छात्र संख्या बढ़ाने के लिए प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विद्यालय मुखिया अध्यापकों को सर्वे के लिए अभिभावकों के पास भेजे और उन्हें अपने बच्चों का दाखिला राजकीय विद्यालयों में करवाने के लिए प्रेरित करें और इसका रिकॉर्ड भी रखें। उन्होंने इन विद्यालयों को 20 प्रतिशत छात्र संख्या बढ़ाने का लक्ष्य भी दिया। सभी विद्यालय मुखियाओं को ऑनलाइन संबंधित सभी कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश भी दिए गए।
- जिले में 50 से कम छात्र संख्या वाले विद्यालय
राजकीय उच्च विद्यालय सारोला -21
राजकीय उच्च विद्यालय समसपुर माजरा 26
राजकीय उच्च विद्यालय चिमनी -27
राजकीय उच्च विद्यालय खेड़ी सुल्तान -32
राजकीय कन्या उच्च विद्यालय गोच्छी 36
राजकीय उच्च विद्यालय गांगटाण 42
राजकीय उच्च विद्यालय सिलोठी -45
राजकीय कन्या उच्च विद्यालय चिमनी 48
वर्जन
शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार स्कूलों के स्टाफ को फील्ड में उतारा गया है। जिसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। विभाग की तरफ से दिए गए लक्ष्य को पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।
- दलजीत सिंह, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, झज्जर।