ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार के लिए प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है। चौराहों को जाममुक्त बनाने के लिए शहर में बैंगलोर की तर्ज पर बाक्स संगम बनाने का काम शुरू हो गया है। बुधवार की रात झज्जर मोड़ पर यह विशेष चौक बनकर तैयार हो जाएगा। इस बाक्स के क्षेत्र में यदि कोई गाड़ी खड़ी करता है या जाम का कारण बनता है तो उसके खिलाफ पुलिस कार्रवाई करेगी।
राजधानी दिल्ली से सटे बहादुरगढ़ में 24 घंटे वाहनों का आना-जाना लगा रहता है। वाहनों के अधिक दबाव के कारण कई बार रोहतक-दिल्ली मार्ग पर जाम की स्थिति गहरा जाती है। मेट्रो के चलने से पहले शहर की सड़कों को जाम मुक्त बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार करने पर लगातार जोर दे रहा है। कुछ दिन पहले जहां क्षेत्र के प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक लाइट लगाई गई थी तो बीते दिनों झज्जर में हुई प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक में जिले के प्रमुख चौकों पर बैंगलोर की तर्ज पर बॉक्स संगम बनाने की योजना तय हुई। झज्जर जिले में तीन बाक्स संगम बनाए जाने तय हुए। जिनमें दो बहादुरगढ़ में बनेंगे। इस योजना के तहत मंगलवार की रात को बहादुरगढ़ के झज्जर मोड़ चौक पर बाक्स संगम बनाने का काम शुरू हो गया। रातभर में एक तरफ का काम पूरा हो गया। बुधवार रात तक काम पूरा होने की संभावना है।
दो लाख आई लागत
बीएंडआर के एसडीओ वीके शर्मा ने बताया कि रोड सेफ्टी के तहत बॉक्स संगम का निर्माण किया गया है। इस पर लगभग दो लाख की लागत आई है। पेंट करने वाले कर्मचारी बाहर से आए हैं। शहर में दो स्थानों पर बॉक्स संगम बनाने की योजना है। फिलहाल झज्जर मोड़ की साइट का आर्डर मिला था, जिस पर काम चल रहा है। दूसरा बॉक्स सेक्टर-9 चौक पर बनाने की चर्चा चल रही हैं। उन्होंने बताया कि पूरे देश में ऐसा चौक सबसे पहले बैंगलोर में बना था। अब हरियाणा में भी ऐसे चौक बनाए जा रहे हैं।
पुलिस ने दी हिदायत
अभी बॉक्स संगम का काम शुरू हुए एक ही दिन हुआ था कि पहले ही दिन लोगों ने इस क्षेत्र में वाहन खड़े कर दिए। इस पर ट्रैफिक पुलिस प्रभारी इंस्पेक्टर संदीप कुमार सहित तमाम पुलिस कर्मियों ने चौक पर पहुंच आसपास के दुकानदारों और वाहन चालकों को बॉक्स के अंदर गाड़ी न खड़ी करने और उसके नियमों की जानकारी दी। एसएचओ संदीप ने कहा कि जो भी चालक नियमों की पालना नहीं करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
क्या है बॉक्स संगम
यह चौराहे पर बना एक ऐसा बॉक्स है, जिसमें पीले रंग की विकर्ण लाइनें होती हैं। इसके बाहर चौराहे की चारों सड़कों पर स्टाप लाइनें होती हैं। साथ ही पैदल राहगीरों के लिए जेबरा क्रासिंग बनाने का भी प्रावधान है। इसकी खास बात यह है कि इस संगम बॉक्स में वाहन को तभी प्रवेश करना होता है। जब उसकी लाइन का निकास मार्ग खाली हो। बॉक्स क्षेत्र में गाड़ी नहीं रोकी जा सकती। यदि कोई चालक ऐसा करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। इस चौक का निर्माण बीएंडआर की ओर से किया जाता है। चौक पर व्यवस्था बनाने के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती रहती है।