आरोपी सुरक्षा कर्मी के साथ पुलिस टीम। संवाद
- फोटो : Jhjhar
कुछ समय पूर्व ओवरलोड वाहनों का शिकंजा कसने के लिए सरकार ने खनन विभाग की टीम का गठन किया था। उद्देश्य यह था कि लोगों की जान की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ न हो। लेकिन इसी का फायदा उठाते हुए खनन विभाग की टीम में शामिल कई कर्मचारी अवैध वसूली में जुटे हुए हैं। गुप्तचर विभाग को इस मामले की भनक लगी तो इन लोगों को काबू करने के लिए जाल बिछाया गया। जिसके तहत पुलिस व गुप्तचर विभाग की टीम ने रईया गांव से रोहतक खनन विभाग के सुरक्षा कर्मी को एक लाख रुपये की राशि सहित काबू कर लिया है।
शुक्रवार को इस मामले में पुलिस की टीम ने झज्जर के गांव रईया में छापा मारकर मनजीत नामक सुरक्षा कर्मी को काबू किया। पुलिस ने उसके कब्जे से एक लाख रुपये की रिश्वत की रकम भी बरामद की है। आरोपी को पुलिस ने अदालत में पेश किया। जहां से उसे चार दिन के पुलिस रिमांड पर सौंपा गया है। जानकारी के अनुसार दिल्ली के गांव झाड़ौदा कलां की बाबा हरिदास एनक्लेव निवासी गाड़ी मालिक अशोक कुमार ने पुलिस में शिकायत दी थी कि रोहतक की खनन विभाग टीम ने उसकी दो गाड़ियों को ओवरलोड का चालान काटने के चक्कर में काबू कर रखा है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी गाड़ियों को छोड़ने के लिए रिश्वत की मोटी रकम भी मांगी जा रही है। इस शिकायत पर पुलिस ने एक टीम गठित की और एक लाख की रिश्वत टीम में शामिल गार्ड मनजीत के पास पहुंचा दी। बाद में पुलिस ने इशारा मिलते ही अशोक ने बताए स्थान पर छापा मारकर आरोपी से रिश्वत की एक लाख रुपये की रकम बरामद की। आरोपी गार्ड मनजीत को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि माइनिंग विभाग रोहतक की एक टीम ने एनजीटी के आदेशों का हवाला देते हुए गाड़ियों को छोड़ने की एवज में अवैध वसूली के तौर पर ढाई लाख रुपये की मांग की है। लेकिन एक लाख रुपये गार्ड को दिए गए थे।
फिलहाल आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया और अदालत में पेश किया गया है। जहां पर अदालत ने आरोपी को पूछताछ के लिए 4 दिन के पुलिस रिमांड पर सौंपा है। मामले की जांच की जा रही है। इस मामले में अन्य कुछ विभागीय लोग भी शामिल होने की आशंका है।
राहुल देव, डीएसपी, झज्जर।