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IITian BaBa अभय के शिक्षक बोले: अध्यात्म को सकारात्मक रूप में लेकर चले ताकि लाखों लोगों को हो उसका फायदा

Sat, 25 Jan 2025 06:18 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर (हरियाणा)

सार

अध्यात्मिकता से जुडे़ लोग करोड़ों लोगो को अध्यात्म का ज्ञान देकर फायदा पहुंच रहे है। उन्होंने कहा कि सभी रास्ते सनातन की तरफ लेकर जाते हैं। जब अध्यात्म में बच्चा जाता है तो उसका लगाव सांसारिक चीजों से हट जाता है।
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आईआईटीएन बाबा - फोटो : संवाद
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विस्तार
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आईआईटीएन बाबा अभय सिंह बचपन में पढ़ाई में बहुत ही होशियार था और पढ़ाई तक ही सीमित रहता है। बचपन में पढ़ाई के दौरान उसे कभी अध्यात्म को लेकर कोई बातचीत करते कभी नहीं देखा। अब आईआईटी करने के बाद उसका अध्यात्मिक रूप देखकर वह भी चौंक गए। यह कहना है आईआईटीएन बाबा अभय सिंह के शिक्षक एवं डीएच लारेंस स्कूल के संचालक रमेश रोहिला का। अभय सिंह ने स्कूल में 1999 में दाखिला लिया था और 2007 में बारहवीं की परीक्षा पास की थी। रोहिला का कहना है कि अब अभय अध्यात्म को चुन लिया है, यह उसका निर्णय लिया है। अभय को अब अध्यात्म को सकारात्मक रूप में लेकर चलना चहिए ताकि उसका फायदा लाखों लोगों को हो सके।

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उन्होंन बताया कि अभय ने 1999 में स्कूल में दाखिला लिया था। 2005 में दसवीं, और 2007 में बारहवीं की थी। दोनों कक्षाओं में 92 प्रतिशत नंबर लिए थे। उस समय उसका फोकस केवल पढ़ाई पर ही था।स्कूल में काउंसलिंग के दौरान उसका रुझान आईआईटी में हुआ और उसके बाद उसने दाखिला लेकर उसे क्रेक किया। रोहिला ने कहा कि अभय अकेला आईआईटीएन बाबा नहीं है। ऐसे 9 है, जो अध्यात्म की तरफ गए हैं।

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उन्होंने कहा कि अध्यात्म का रास्ता बुरा नहीं है। अध्यात्मिकता से जुडे़ लोग करोड़ों लोगो को अध्यात्म का ज्ञान देकर फायदा पहुंच रहे है। उन्होंने कहा कि सभी रास्ते सनातन की तरफ लेकर जाते हैं। जब अध्यात्म में बच्चा जाता है तो उसका लगाव सांसारिक चीजों से हट जाता है। वह चाहे दोस्त, परिवार हो या दुनियादारी। उसे अध्यात्म के अलावा कुछ नहीं सुझता। अभय भी इसी तरफ जुड़ गया है। वह भी यह ढूंढ रहा है कि मैं इस दुनिया में क्यों आया था, मेरा क्या मकसद है, वह उसको जानना चाहता है। उन्होंने कहा कि करोड़ों में से एक बच्चा ऐसा होता है, जो ऐसा कदम उठाता है। रोहिला कहा कि कोई माता-पिता नहीं चाहते कि उनका बच्चा साधु बनें।

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