01jjrp11 झज्जर में इंडेप्थ विजन फाउंडेशन की ओर से आयोजित कार्यक्रम में कवियों को जिला शिक्ष
बादली। शब्द हूं मैं, इसलिए निशब्द हूं मैं...की थीम पर आयोजित काव्य गोष्ठी में कवियों ने सामाजिक कुरीतियों पर चोट करते हुए अपनी चिंताओं की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में करियर कंप्यूटर अकादमी के निदेशक नरेंद्र यादव ने मेहमानों का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। गोष्ठी में मुख्य रूप से डाॅक्टर मनोज ''''''''भारत'''''''' भिवानी, विकास ''''''''यशकीर्ति'''''''' भिवानी, डाॅक्टर चेतना जठोल झज्जर, खेमचंद ''''''''सहगल'''''''' झज्जर, महेन्द्र सिंह ''''''''हास्यकवि'''''''' झज्जर, राजबीर ''''''''खोरड़ा'''''''' झज्जर, जय सिंह ''''''''आर्य'''''''' झज्जर, विनोद कुमार ने भाग लिया।
गुरुग्राम से आए राजपाल यादव राज ने सुनाया कि शब्दों के बदौलत सभी को प्यार लिखता हूं, शब्दों को रखो जिंदा यही हर बार लिखता हूं। खेमचंद सहगल ने दीप जलाए हमने जिसकी खुशी की खातिर लाचार हो गया, वह खुद रोशनी की खातिर...पंक्तियां सुनाई। भिवानी से डॉक्टर मनोज ने लोकतंत्र के बारे में पंक्तियां सुनाई कि शस्त्र से बड़ा लोकतंत्र में वोट, संबल देता सत्य को करे झूठ पर चोट और गायक डॉ. विकास यशकीर्ति ने अपने गीतों के माध्यम से अगर यूं जिंदगानी में अकेलेपन नहीं होते तो यारों खुदकुशी के मौत पर क्रंदन नहीं होते गीत गुनगुनाया। डॉक्टर महेंद्र सिंह सागर ने सुनाया कि जिंदगी में इस तरह उल्लास होना चाहिए। कार्यक्रम का आयोजन इंडेप्थ विजन फाउंडेशन एवं सेवा ट्रस्ट यूके के माध्यम से करियर कंप्यूटर अकादमी में किया गया था। कार्यक्रम की संयोजिका दलवंती सहरावत एवं विकास कौशिक ने बताया कि जिले के अलावा आस-पड़ोस के जिलों से कई कवियों ने इस काव्य गोष्ठी में भाग लिया। जिला शिक्षा अधिकारी राजेश कुमार ने बतौर मुख्यातिथि कहा कि कविता अपने मन की बात को प्रभावी तरीके से रखने के लिए बेहतर माध्यम होता है। यदि मन की बात सामाजिक बुराइयों पर प्रहार करे तो कविता का यह रूप सामाजिक बदलाव का द्योतक बनता है। इसलिए हमें सभी रचनाकारों का सम्मान करना चाहिए।काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता गजलकार एवं चित्रकार खेमचंद सहगल ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में भिवानी से डॉक्टर मनोज भारत विशेष रूप से इसमें उपस्थित रहे।