तुम हमारी मुंह मांगी मुराद हो, तुम्हें लाने के लिए सबसे बड़ी
कोर्ट तक लड़ना पड़ा है। अपनी जिद कायम रखना, जिद से गांव बदल जाएंगे।
आपने
जो सपने देखे हैं, उन्हें छोड़ें नहीं, बल्कि पीछे पड़कर पूरा कराएं।
पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों ने इस बार गांव को जोड़ने का काम किया है।
प्रदेश में महिला सशक्तीकरण व सामाजिक समरसता के लिए स्वर्णिम दौर आरंभ
हुआ है।
कृषि, ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने मंगलवार को रोहतक
मंडल के पंचों को शपथ दिलाने से पहले उनको संबोधित करते हुए यह कहा।
राजकीय बहुतकनीकी संस्थान में रोहतक, झज्जर, सोनीपत, पानीपत व करनाल जिलों
के पंचों ने शपथ ली।
धनखड़ ने कहा कि यह अवसर बड़े प्रयासों के उपरांत आया
है। सरकार ने पहले विधानसभा में बड़ी बहस के बाद पंचायती राज संस्थाओं के
प्रतिनिधियों की योग्यताएं निर्धारित कीं। हरियाणा के हित के लिए सरकार ने
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक आपका पक्ष रखा।
प्रतिनिधियों की योग्यता निर्धारण के फैसले को हर स्तर पर सही पाया गया।
उन्होंने बताया कि हरियाणा में इस बार 64 प्रतिशत पंच निर्विरोध चुने गए।
चुनाव ने गांव को जोड़कर एक कर दिया, यह एक बड़ी उपलब्धि रही है।
ऐसे बढ़ी सामाजिक समरसता
धनखड़ ने बताया कि चुनाव में अनुसूचित जातियों के लिए 20 प्रतिशत आरक्षण का
प्रावधान था, लेकिन आज जिला परिषद में 23 प्रतिशत, पंचायत समिति में 27
प्रतिशत, सरपंच के लिए 24 प्रतिशत और पंच पद के लिए 25 अनुसूचित जाति के
प्रतिनिधि चुने गए हैं।
इसी प्रकार पिछड़ा वर्ग के लिए निर्धारित 5 प्रतिशत
आरक्षण से बढ़कर जिला परिषद में 18 प्रतिशत, पंचायत समिति में 26 प्रतिशत
और पंच पद के लिए निर्धारित दस प्रतिशत से बढ़कर 31 प्रतिशत प्रतिनिधि चुने
गए हैं। यह आंकड़ा हरियाणा में सामाजिक परिवर्तन का संकेत है, यानी हम कह
सकते हैं कि यह चुनाव सामाजिक समरसता लाने के लिए महत्वपूर्ण साबित हुए।
महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण रखा गया था, लेकिन आज जिला परिषद में 43
प्रतिशत, पंचायत समिति में 42 प्रतिशत, सरपंच पद पर 41 प्रतिशत और पंच के
पद पर 31 प्रतिशत महिलाएं चुनी गई हैं, जिसे एक बड़ा बदलाव कहा जा सकता है।
नवनिर्वाचित पंचों की औसत आयु 34 वर्ष है। एक जमाने में हम यह कहा करते थे
कि हरियाणा के हर गांव में बिजली-सड़क है, लेकिन आज इस बात पर भी हम गर्व
कर सकते हैं कि हरियाणा की हर पंचायत शिक्षित है।
वार्ड के सभी लोगों का कराएं बीमा
धनखड़ ने शपथ से पहले पंचों को उनका कर्तव्य याद दिलाते हुए कहा कि आप
स्वयं और अपने वार्ड में हर व्यक्ति को 12 व 330 रुपये वाली प्रधानमंत्री
बीमा योजनाओं से जोड़ें, पशुधन का बीमा कराएं और अगले खरीफ सीजन से
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर शुरू फसल बीमा योजना के तहत भी अपने
गांव के सभी किसानों को जोड़कर जोखिम मुक्त गांव बनाएं।
गांव में हर
व्यक्ति को एक-एक पेड़ लगाने के प्रति प्रेरित करें, जिसे 2.5 करोड़
हरियाणा की आबादी पर्यावरण के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकेगी।