फोटो नंबर 71: धरना स्थल पर अनशन पर बैठे ग्रामीणों को फिरनी सीमेंट की बनाए जाने की जानकारी देते
बादली। जहांगीरपुर गांव की कच्ची फिरनी को सीमेंटेड कराने की ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही मांग आखिरकार पूरी हो गई। करीब 45 लाख रुपये की लागत से फिरनी का निर्माण कराया जाएगा। मांग पूरी होने के बाद पिछले छह दिनों से चल रहा धरना-प्रदर्शन और पांच दिनों से जारी भूख हड़ताल समाप्त हो गई।
ग्रामीणों की मांग को लेकर मास्टर दीपक शर्मा और सुरेंद्र पांच दिनों तक अनशन पर बैठे रहे। इस दौरान उन्हें ग्रामीणों का लगातार सहयोग मिला। विभिन्न सामाजिक संगठनों ने भी आंदोलन को समर्थन दिया। महिलाओं और युवाओं ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों की मांग को मजबूती से उठाया।
छठे दिन उपमंडल अधिकारी विशाल कुमार और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी मांग को पूरा करने की घोषणा की। अधिकारियों ने ग्रामीणों को निर्माण कार्य से जुड़ी सरकारी प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी दी। इसके बाद एसडीएम विशाल कुमार ने मास्टर दीपक शर्मा और सुरेंद्र को जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त करवाया।
पंचायती राज विभाग के एक्सईएन युद्धवीर सिंह ने बताया कि अगले महीने के पहले सप्ताह तक टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद करीब दो माह में फिरनी को सीमेंटेड बनाने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि फिरनी करीब 18 फुट चौड़ी होगी और निर्माण कार्य बेहतर गुणवत्ता के साथ कराया जाएगा।
मांग पूरी होने के बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया। ग्रामीणों ने कहा कि लंबे समय से खराब पड़ी फिरनी के निर्माण से गांव के लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। इस दौरान खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी सुमित बेनीवाल, गांव के सरपंच सुखदेव सिंह, गुलिया खाप के प्रधान सुनील गुलिया, हिम्मत थानेदार कुकड़ोला और नवीन पहलवान सहित काफी संख्या में पुरुष और महिलाएं मौजूद रहे।
फोटो नंबर 71: धरना स्थल पर अनशन पर बैठे ग्रामीणों को फिरनी सीमेंट की बनाए जाने की जानकारी देते