ज्येष्ठ माह में हुई बरसात के बाद सब्जियों के रेट में भी इजाफा हो गया है। लोगों की रसोई का बजट भी गड़बड़ा गया है। दालों की कीमतों में जहां भारी उछाल है तो टमाटर का तड़का भी अधिक लाल होने लगा है। टमाटर की लाली फ्रिज व रसोई से भी गायब होने लगी है।
पिछले पखवाड़ा भर का आंकलन करें तो हरी सब्जियों के रेटों में भी वृद्धि देखने को मिल रही है। भीषण गर्मी के बीच हुई हलकी बरसात व अंधड़ के कारण सब्जी की खेती भी काफी प्रभावित हो रही है। पहले जहां लोग टमाटर को सलाद में काटकर दोनों वक्त खाते थे वहीं, अब टमाटर को किलो की बजाय पाव के हिसाब में खरीदने में ही संकोच करते दिखते हैं। मन-मसोसकर व सब्जी का स्वाद बरकरार रखने के लिए लोग अब बेहद कम ही खरीद रहे हैं। टमाटर की लाली दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैै। गृहणी अंगुरी, गीता, पूजा, बबीता, शकुंतला का कहना है कि कुछ दिन से तो उनकी रसोई का बजट बिगड़कर रह गया। दाल-रोटी खाना तो दूर अब चटनी के लाले भी लोगों को पड़ने लगे। यह सब टमाटर व दूसरी सब्जियों के बड़ते रेटों के कारण हो रहा है। बाजार में सब्जियों व दालों के रेट की स्थिति एक जैसी नहीं है लेकिन फिर भी रेटों में बढ़ोतरी साफ तौर पर देखने को मिल रही है।
क्या है स्थिति
सब्जी 10 दिन पहले के रेट अब रेट
टमाटर 20 रुपये प्रति किलो 50 से 70 रुपये
आलू 15 रुपये 20 रुपये
प्याज 8 से 10 रुपये 20 रुपये
लहसुन 80 से 90 100 से 120 रुपये
अदरक 80 रुपये 90 से 100 रुपये
घीया 0 रुपये 15 से 20 रुपये
टिंडा 20 रुपये 40 से 50 रुपये
तोरी 20 रुपये 30 से 40 रुपये
पालक 10 रुपये 15 से 20 रुपये
भिंडी 15 रुपये 30 रुपये
पेठा 10 रुपये 20 रुपये
नींबू 60 से 70 रुपये कोई बढ़ोतरी नहीं
बैंगन 40 रुपये 40 से 50 रुपये
परमल 15 रुपये 20 रुपये
हरी मिर्च 5 से 20 रुपये 50 से 60 रुपये
कटहल 20 40 रुपये