रविवार को शहर के सेक्टर-9 के मैदान में जाट समुदाय के लोगों ने शांतिपूर्वक धरना दिया। सुरेश फौगाट के नेतृत्व में करीब 35 से 40 लोगों ने धरने में भाग लिया। बाद में जाट समुदाय के लोगों ने मांगों से संबंधित ज्ञापन एसडीएम सतीन्द्र सिवाच को सौंपा। सुरेश फौगाट ने बताया कि जब तक उनकी मांगों को नहीं माना जाता धरना जारी रहेगा।
उधर, धरने को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। शहर व जिले की बाहरी सीमाओं पर 40 पुलिस नाके लगाए गए। स्थानीय पुलिस के अलावा 6 कंपनियां तैनात की गईं। जिसमें से तीन एचएपी, 2 सीआईएसफ व एक कंपनी सीआरपीएफ की तैनात की गई। अधिकारी भी दिनभर शहर व धरना स्थल के निकट चक्कर लगाते रहे। खुफिया विभाग के कर्मचारी भी अलर्ट रहे और पल-पल की खबर से अपने आला अधिकारियों को सूचित करवाते रहे। धरना करीब 11 बजे शुरू हुआ और शाम चार बजे तक जारी रहा।
पूरा शहर रहा सुरक्षा बलों के हवाले
जाट समुदाय द्वारा दोबारा दिए जाने वाले धरने को लेकर प्रशासन अबकीबार पूरी तरह से तैयार रहा। पूरे शहर को सुरक्षा बलों के हवाले कर दिया गया। जिला पुलिस के अलावा सीआरपीएफ, सीआईएसएफ व एचएपी के जवान शहर और बाहरी क्षेत्रों में नाकों पर तैनात रहे। जिले व शहर भर में 40 नाके लगाए गए और अधिकारी स्वयं पूरे मामले की मॉनीटरिंग करते रहे। सुरक्षा बलों की टुकड़ियां धरना स्थल, बाहरी क्षेत्रों और शहर में भी दिनभर गश्त करते रहे। स्थानीय पुलिस के अलावा 6 कंपनियां तैनात की गईं। जिसमें से तीन एचएपी, 2 सीआईएसफ व एक कंपनी सीआरपीएफ की तैनात की गईं।
एसपी भी रहे दिनभर गश्त पर
जिले में किसी तरह की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए एसपी जशनदीप सिंह रंधावा स्वयं मुस्तैद रहे। दिनभर पुलिस टीम के साथ एसपी गश्त करते रहे। इसके अलावा डीएसपी राजीव, एसएचओ, चौकी इंचार्ज के अलावा एसडीएम और तहसीलदार धरने स्थल व शहर में निरंतर गश्त करते रहे।
खुफिया विभाग रहा अलर्ट
जाट समुदाय के धरने को लेकर खुफिया विभाग पूर्णतया अलर्ट पर रहा। खुफिया विभाग के कर्मचारी धरना स्थल और गांवों से आंदोलन को लेकर जानकारी जुटाते रहे और पल-पल की जानकारी से अपने आला अधिकारियों को सूचित करते रहे।
सादे कपड़ों में भी पुलिस के जवान रहे तैनात
सुरक्षा को लेकर पुलिस के जवान सादे कपड़ों में भी तैनात रहे। शहर, आसपास के गांवों व धरना स्थल के आसपास सादे कपड़ों में पुलिस के जवान कड़ी निगरानी रखे रहे।
सरकार को दिया 15 जून तक का समय
जाट समुदाय की ओर से जो ज्ञापन साैंपा गया उसमें सरकार को 15 जून तक का समय दिया गया है। जाटों ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि इस निर्धारित अवधि में सरकार उन सभी मांगों को पूरा करे जो फरवरी माह में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जाट संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में स्वीकार की थी।
ये हैं मांगें
गिरफ्तार किए गए लोगों की रिहाई करने, भविष्य में कोई गिरफ्तारी न करने, फरवरी माह में आंदोलन के दौरान मारे गए युवाओं के परिजनों को आर्थिक सहायता देने व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग प्रमुख रूप से शामिल हैं।