विधायक और पूर्व शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल ने मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट को बार-बार गीता जैसे ग्रंथ से जोड़ना गीता का अपमान है। उन्होंने कहा कि न तो सूबे के मुख्यमंत्री कृष्ण और न ही अनिल विज अर्जुन हैं, जो बार-बार प्रकाश रिपोर्ट को गीता से जोड़ रहे हैं। उन्होंने सरकार को नसीहत देते हुए कहा कि सरकारें गीता व रामायण से नहीं चलती सरकार संविधान व कानून से चलती हैं। वहीं, उन्होंने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि बीजेपी के मुख्यमंत्री और मंत्री ये याद रखें कि उनकी सरकार केवल पांच साल के लिए बनी है। यह बात गीता भुक्कल ने अपने झज्जर निवास पर पत्रकार वार्ता में कही।
करीब चार दिन से वे जाट आरक्षण के मामले में क्षेत्र का दौरा करने के लिए अपने स्थानीय निवास स्थान पर रुकी हुई हैं। वहीं, पूर्व मंत्री ने जाट आरक्षण पर भी सरकार पर हमला बोला। गीता भुक्कल ने कहा कि सरकार प्रदेश की जनता को गुमराह न करे और न ही प्रदेश को फिर से आग के हवाले करने की कोशिश करे। उन्होंने कहा कि जाट आरक्षण के नाम पर जनता को गुमराह करने की बजाए अपनी स्थिति साफ करें। वहीं, उन्होंने प्रदेश में पिछले दिनों हुई हिंसा की जांच हाईकोर्ट के जज से करवाने की मांग की है।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि शहर भर का जायजा लेने के बाद हालात पिछले जैसे ही प्रतीत हो रहे हैं। शहर में फोर्स की व्यवस्था भी उचित तरीके से नहीं की गई है। अगर इस बार भी कोई हिंसात्मक घटना होती है तो इसकी जिम्मेदार वर्तमान सरकार ही होगी। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश को संभालना वर्तमान सरकार के बस से बाहर की बात होती जा रही है। इसके लिए प्रदेश में तुरंत प्रभाव से राष्ट्रपति शासन लागू कर देना चाहिए।