रोहद बाईपास पर सड़क दुर्घटना में आर्मी सप्लाई कोर में तैनात कर्नल की मौत हो गई, जबकि उसका चेचरा भाई जख्मी हो गया। जैसे ही सेना अधिकारी के गांव में इसकी सूचना पहुंची तो वहां मातम पसर गया। हर कोई पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाता दिखा। शनिवार को गांव में ही कर्नल को सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। सेना के अधिकारियों ने उन्हें पुष्प चक्र अर्पित किए तो पुलिस के जवानों ने उन्हें सलामी भी दी।
आसोदा टोडराण निवासी दिनेश कुमार दलाल (51) आर्मी सप्लाई कोर में कर्नल थे। फिलहाल उनकी पोस्टिंग कलकत्ता के बैरकपुर में थी। वह परिवार सहित गुड़गांव में रह रहे थे। इन दिनों छुट्टी पर घर आए हुए थे। सोमवार को ही उन्हें वापस ड्यूटी पर जाना था। पुलिस के अनुसार शुक्रवार को किसी कार्य के सिलसिले में कर्नल दिनेश कुमार अपने चचेरे भाई धर्मबीर के साथ सांपला में गया हुआ था। देर रात वे गाड़ी से वापस घर लौट रहे थे।
जब रोहद बाईपास स्थित पेट्रोप पंप के सामने पहुंचे तो अचानक कोई पशु गाड़ी के आगे आ गया। उसे बचाने के चक्कर में गाड़ी का संतुलन बिगड़ गया और वह खंभे से जा टकराई। इस हादसे में कर्नल दिनेश कुमार को ज्यादा चोटें आई। उसे इलाज के लिए तुरंत एनएचएआई की एंबुलेंस से रोहतक पीजीआई ले जाया गया। जांच दौरान डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
जैसे ही कर्नल की मौत की सूचना सेना अधिकारियों को मिली तो वे भी उनके गांव आसौदा पहुंचे। शनिवार को शव का पोस्टमार्टम रोहतक पीजीआई में हुआ। दोपहर बाद गांव में ही उनका अंतिम संस्कार किया गया। कर्नल दिनेश कुमार को सम्मान के साथ
अंतिम विदाई दी गई। पुलिस ने उन्हें बंदूकों से सलामी दी तो सेना के जवानों व अधिकारियों ने भी उन्हें सलामी देते हुए पुष्प चक्र अर्पित किए।
कर्नल दिनेश कुमार दो बच्चों के पिता थे। उनके पास बड़ा बेटा तरुण तो छोटी बेटी दिव्या है। वे दोनों ही पढ़ाई कर रहे हैं। कर्नल दिनेश कुमार के निधन पर गांव के पूर्व सरपंच महेंद्र दलाल, धर्मशाला सोसायटी से मास्टर सज्जन सिंह दलाल, पूर्व चेयमरैन दयानंद दलाल के अलावा जय किशन दलाल, सनवीर समेत काफी लोगों ने हादसे पर दुख जताया। ग्रामीण पीड़ित परिवार को लोग दिनभर दिलासा देने में लगे रहे।