बहादुरगढ़ शहर के जटिया मोहल्ला निवासी एक युवक की मौत को लेकर वीरवार को शहर में जमकर हंगामा हुआ। पीड़ित पक्ष ने झज्जर मोड़ के पास रोहतक-दिल्ली रोड पर शव रखकर जाम लगा दिया। परिजनों ने पड़ोस के एक ठेकेदार पर हत्या का आरोप लगाया और पुलिस पर उचित कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए जमकर रोष जताया। जाम के कारण रोहतक-दिल्ली हाईवे पर यातायात व्यवस्था बिगड़ गई, जिसे सुचारु करने में पुलिस के पसीने छूट गए। शहर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर विष्णु प्रसाद ने बताया कि महावीर, जीतू और नरेश पर मामला दर्ज कर लिया गया है।
आरोप है कि झज्जर रोड के नजदीक स्थित जटिया कॉलोनी के भोलू उर्फ वेदप्रकाश की दिवाली-गोवर्धन की रात पास की ही कॉलोनी के परिवार के लोगों ने जमकर पिटाई कर दी थी। गंभीर हालत में 31 अक्तूबर की सुबह परिजन उसे अस्पताल ले गए। दिल्ली के एक अस्पताल में तीन दिन तक जिंदगी और मौत से जूझ रहे भोलू ने वीरवार को दम तोड़ दिया। उसकी मौत से परिजनों और कॉलोनी वासियों में आक्रोश पनप गया। जैसे ही दिल्ली से शव कॉलोनी में आया तो परिजन उसे झज्जर मोड़ पर ले आए। यहां दिल्ली-रोहतक मार्ग के बीचों-बीच शव रखकर जमकर रोष जताया। देखते ही देखते कुछ ही मिनटों में 100 से अधिक लोग सड़क पर उतर आए। लोगों ने पुलिस पर रिपोर्ट दर्ज न करने और मामले को रफा-दफा करने के आरोप लगाए।
परिजनों का आरोप
परिजनों ने शांति मंदिर कॉलोनी निवासी महावीर ठेकेदार और उसके बेटे जीतू, भतीजे नरसी और परिवार के अन्य लोगों पर भोलू की मौत का आरोप लगाया है। परिजनों के मुताबिक, दिवाली की रात भोलू पटाखे जला रहा था। पटाखे जलाते समय वह साथ में शांति मंदिर कॉलोनी में चला गया। इसी दौरान महावीर ठेकेदार और उसका परिवार के अन्य लोग वेदप्रकाश (भोलू) को मकान के भीतर लेे गए और उसके साथ बुरी तरह से पीटा और उसे घर से बाहर कर दिया। गोवर्धन की सुबह जब लोग उठे तो किसी पड़ोसी ने उनको सूचना दी। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने 31 अक्तूबर को ही पुलिस में शिकायत दी थी, पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
बिखर गया परिवार
भोलू पांच बहनों का इकलौता भाई था और अपने परिवार में एकमात्र कमाने वाला था। वह ऑटो चलाकर परिवार का गुजारा कर रहा था। कई वर्ष पहले उसके पिता की मौत हो गई थी। फिलहाल भोलू करीब डेढ़ वर्षीय बेटी का पिता था। उसकी तीन वर्ष पहले शादी हुई थी। अब उसकी मौत से परिवार पूरी तरह से बिखर गया है। बेटी के सिर से पिता का साया उठ गया और अब घर में कोई कमाने वाला नहीं रहा।
गुस्साए लोगों ने पुलिस को सुनाई खरी-खोटी
जाम की सूचना मिलते ही डीएसपी धीरज कुमार, सिटी एसएचओ विष्णु प्रसाद, सदर थाना प्रभारी रणधीर सिंह सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। गुस्साए लोगों ने पुलिस को भी खरी-खरी सुनाई। डीएसपी धीरज कुमार लोगों को कई बार शांत कराने के प्रयास किए, लोग लोग आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग पर अड़े रहे। परिजनों ने शिकायत दर्ज न करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की। शाम पांच बजे के बाद जब केस दर्ज हुआ तो लोगों ने जाम खोला।
जाम से हुई परेशानी, पुलिस ने किया रूट डायवर्ट
झज्जर मोड़ शहर का प्रमुख चौक हैं। यहां जाम लगने के कारण रोहतक-दिल्ली मार्ग और झज्जर रोड की यातायात व्यवस्था बुरी तरह से चरमरा गई। दूर-दूर तक वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं। कई घंटे तक वाहन जाम में फंसे रहे। वाहन चालक जाम लगने का कारण पूछता रहा। स्कूली बस भी जाम में फंस गई, जिससे बच्चे परेशान दिखे। दुपहिया वाहन तो किसी तरह गलियों से गुजर गए, लेकिन बड़े वाहन चालकों को दिक्कतें हुईं। जाम पर बैठे लोगों ने किसी भी वाहन चालक को जाने नहीं दिया। रोहतक-दिल्ली रोड पर जाम के कारण मेन बाजार में यातायात जाम हो गया। उधर, जाम की स्थिति से निबटने के लिए पुलिस ने यातायात सेक्टर-9 और जाखोदा बाईपास से डायवर्ट कर दिया। करीब ढाई घंटे बाद जाम खुला तो पुलिस और वाहन चालकों ने राहत की सांस ली। शाम पांच बजे के बाद हालात सामान्य हो पाए।
यह बोले पुलिस अधिकारी
मृतक के परिजनों ने पड़ोस के ही कुछ लोगों के खिलाफ शिकायत दी है। शिकायत के आधार पर तीन पर मामला दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। आरोपियों को शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
-धीरज कुमार, डीएसपी बहादुरगढ़