09jjrp14- झज्जर। बस अड्डे पर खड़ी रोडवेज व निजी बसें। संवाद
झज्जर। क्षेत्रफल के हिसाब से प्रदेश का सबसे बड़ा बस अड्डा झज्जर में है, लेकिन यहां शाम 6 बजे के बाद लंबे रूटों पर बसें नहीं मिल पाती। दिल्ली, गुरुग्राम से आने वाली बसों के सहारे यात्रियों को सफर करने को मजबूर होना पड़ता है। अधिकतर ग्रामीण क्षेत्र में केवल सुबह-शाम के समय ही बसें चलती हैं। इस कारण यात्रियों को परेशानी होती है।जिले में हरियाणा रोडवेज की लगभग 195 बसें और परिवहन समिति की लगभग 200 के करीब बस हैं। इसके बावजूद लोगों को परिवहन सुविधा पूरी तरह से नहीं मिल पा रही। रोडवेज बसों की बात करें तो जिले में झज्जर डिपो और बहादुरगढ़ दो सब डिपाे हैं। झज्जर डिपो में हरियाणा रोडवेज की 102 बसें हैं, 12 बसें किलोमीटर स्कीम के तहत लगाई गई हैं। इस साल 7 मिनी बसें भी आई हैं। बहादुरगढ़ सब डिपो में लगभग 64 बसें हरियाणा रोडवेज और 9 बसें किलोमीटर स्कीम के तहत लगाई गई हैं। दोनाें जगह प्रतिदिन 35 से 40 हजार लोग सफर करते हैं। उसके बावजूद बसों में लोगों को लटककर या खड़े होकर सफर करना पड़ता है। बसों में सफर करने वालों की संख्या ज्यादा है।
इन रूटों पर रहती हैं सबसे ज्यादा भीड़
झज्जर से विभिन्न रूटों पर बसें चलती हैं, लेकिन कई रूट ऐसे हैं, जहां सबसे ज्यादा भीड़ रहती है। ऐसे में यात्रियों को बसों के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता है। इसमें मुख्य रूप से हिसार, भिवानी, गुरुग्राम, दिल्ली रूट मुख्य रूप से शामिल हैं। निजी बसों की संख्या ज्यादा होने के कारण लोग अधिकतर इनमें ही सफर करने को मजबूर होते हैं।
अक्तूबर 2022 ये 2023 तक मिली 100 नई बसें
जिले की बात करें तो झज्जर डिपो में कुल 195 बसें हैं। अक्तूबर 2022 से दिसंबर 2023 तक जिले को 100 नई बसें मिली हैं। इसके अलावा 2024 में केवल अब तक सात मिनी बसें मिली हैं, वह भी दूसरे जिलों से मंगवाई गई थी।
जिले में लगभग 195 बसें विभिन्न रूटों पर चलाई जा रही हैं। यात्रा के दौरान किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाती। जहां पर कोई बस चलाने की मांग की जाती है, उस रूट पर बस चलाने का पूरा प्रयास किया जाता है।
- दीपक कुमार, ट्रैफिक मैनेजर, हरियाणा रोडवेज झज्जर डिपो