बहादुरगढ़ में सफाईकर्मियों की हड़ताल के दौरान एक अप्रत्याशित घटनाक्रम देखने को मिला, जब निर्दलीय विधायक राजेश जून हड़ताली सफाईकर्मियों से भिड़ गए। विधायक ने न केवल सफाईकर्मियों के जिला प्रधान राजेन्द्र से माइक छीन लिया, बल्कि उन्हें जमकर खरी-खोटी भी सुनाई। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच काफी गहमागहमी देखी गई।
विधायक का गुस्सा और आरोप
सफाईकर्मियों के विरोध प्रदर्शन के दौरान, विधायक राजेश जून ने आरोप लगाया कि उनकी लगातार हड़ताल से बहादुरगढ़ के निवासियों का जीना मुश्किल हो गया है। उन्होंने सफाईकर्मियों से कहा कि यदि वे काम नहीं करना चाहते तो नौकरी छोड़ दें। विधायक ने जिला प्रधान राजेन्द्र को संबोधित करते हुए कहा कि वे वाल्मीकि समाज के ठेकेदार न बनें, क्योंकि उनकी हड़ताल से समाज को भी परेशानी हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि रोज-रोज हड़ताल करने से उन्हें कोई समर्थन नहीं मिलेगा और वे जनता को परेशान कर रहे हैं। विधायक ने सफाईकर्मियों से सवाल किया कि वे काम क्यों रोक रहे हैं, जबकि 16 दिनों से सफाई नहीं हो रही है।
सफाईकर्मियों का विरोध और विधायक का जवाब
सफाईकर्मी अपनी मांगों को लेकर विधायक दफ्तर का घेराव करने पहुंचे थे और थाली व प्लेट बजाकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। विधायक राजेश जून के गुस्से को देखते हुए, वे बिना ज्ञापन दिए ही लौट गए। सफाईकर्मियों ने कहा कि विधायक उन्हें भगा रहे हैं, लेकिन वे खुद चले जाएंगे। इस दौरान विधायक महिला सफाईकर्मियों से भी उलझते दिखे।
गर्मागर्मी के बाद, विधायक राजेश जून ने कहा कि उनके 22 महीने के कार्यकाल में सफाईकर्मी 6 बार हड़ताल कर चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सफाईकर्मियों के नेता ने उनसे कहा था कि वे सरकार की भाषा न बोलें। विधायक ने स्पष्ट किया कि वे लगातार हो रही हड़ताल का समर्थन नहीं करते, लेकिन उन्होंने पिछले विधानसभा सत्र में भी उनकी आवाज उठाई थी और इस बार भी उठाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को सफाईकर्मियों की बात माननी चाहिए, लेकिन इसके साथ ही सफाईकर्मियों को भी सफाई व्यवस्था को प्रभावित नहीं करना चाहिए।